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Rajsamand: नाथद्वारा के फ्लैट की 7वीं मंजिल का सच, कॉल गर्ल-एस्कॉर्ट सर्विस के नाम पर भेजते थे लड़कियों की फोटो

Rajsamand Cyber Fraud: राजसमंद के नाथद्वारा में पुलिस ने ऑनलाइन एस्कॉर्ट और कॉल गर्ल सर्विस के नाम पर साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया। 7वीं मंजिल के फ्लैट से संचालित रैकेट में 6 आरोपी गिरफ्तार और एक बाल अपचारी डिटेन किया गया।
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राजसमंद

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Arvind Rao

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Updated: 15 Jun 2026, 11:54 AM IST

Rajsamand Nathdwara Cyber Crime

नाथद्वारा में 7वीं मंजिल पर पुलिस का बड़ा एक्शन (फोटो-एआई)

Rajsamand Nathdwara Cyber Crime: नाथद्वारा: ऑपरेशन म्यूल हंटर तथा उदयपुर रेंज के साइबर रोकथाम अभियान के तहत श्रीनाथजी मंदिर थाना पुलिस ने श्रीनाथ कॉलोनी में ऑनलाइन ठगी के रैकेट का भंडाफोड़ किया। पुलिस ने ऑनलाइन एस्कॉर्ट सर्विस और कॉल गर्ल सर्विस उपलब्ध कराने के नाम पर युवतियों के फोटो भेजने व फिर लोगों से ठगी करने वाले 6 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक बाल अपचारी डिटेन किया गया है। मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड, चेकबुक, नकदी तथा एक कार जब्त की है।

एसपी हेमंत कलाल के निर्देशन, एएसपी महेंद्र पारीक तथा नाथद्वारा डिप्टी शिप्रा राजावत सुपरविजन में श्रीनाथजी मंदिर थानाधिकारी विक्रम सिंह एवं साइबर टीम ने यह कार्रवाई की। पुलिस को 13 जून 2026 को मुखबिर से इसकी सूचना मिली। सूचना पर पुलिस टीम ने 7वीं मंजिल स्थित फ्लैट पर दबिश दी, जहां कई युवक मोबाइल फोन से ऑनलाइन ठगी करते पाए गए।

ग्राहकों को लड़कियां उपलब्ध कराने का झांसा

सामने आया कि आरोपी एस्कॉर्ट सर्विस और कॉल गर्ल सर्विस संबंधी वेबसाइटों पर फर्जी मोबाइल नंबर पंजीकृत कर ग्राहकों को लड़कियां उपलब्ध कराने का झांसा देते थे। वेबसाइट पर उपलब्ध नंबरों पर संपर्क करने वाले ग्राहकों को आरोपी बातचीत में उलझाकर युवतियों की तस्वीरें भेजते थे और फिर लड़की उपलब्ध कराने, होटल बुकिंग तथा सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर मोटी रकम ले लेते थे।

ठगी के बाद नंबर कर देते थे ब्लैकलिस्ट

भुगतान के बाद ग्राहकों के नंबर ब्लैकलिस्ट कर दिए जाते थे। पुलिस ने बताया कि आरोपी फर्जी नामों से लिए गए सिम कार्ड और बैंक खातों का उपयोग करते थे। ठगी की राशि अन्य खातों में ट्रांसफर कर दी जाती थी ताकि उनके पास नकदी कम रहे। आरोपी ग्राहकों की सामाजिक झिझक, बदनामी के डर का फायदा उठा रकम ऐंठते थे।

ठगी के संसाधन जब्त, नेटवर्क की पड़ताल शुरू

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 36 सिम कार्ड, 17 एटीएम कार्ड, 2 चेकबुक, 17 मोबाइल फोन, 21 हजार 500 रुपए नकद, एक टाटा कंपनी की कार तथा साइबर अपराध से जुड़ी कुछ और सामग्री जब्त की है। पुलिस का कहना है कि साइबर ठगी के इस मामले में आगे की जांच जारी है। आरोपियों के बैंक खातों और साइबर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।

सभी आरोपी डूंगरपुर के रहने वाले

इस मामले में श्रीनाथजी मंदिर थाना पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया गया है। आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), आईटी एक्ट एवं किशोर न्याय अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। जांच साइबर थाना प्रभारी दुर्गाप्रसाद दाधीच (आरपीएस) को सौंपी है।

पुलिस ने डूंगरपुर जिले के आसपुर थाना क्षेत्र के पारड़ा जानी निवासी जगदीश (31) पुत्र नाथूलाल पाटीदार, पारड़ी जानी में पाटीदार बस्ती निवासी गौतम (32) पुत्र तजेन्द्र पाटीदार, आसपुर के दोवड़ा थाना क्षेत्र में काटड़ी खेड़ा समोर निवासी मणीलाल (31) पुत्र गोकुल पाटीदार, साबला थाना क्षेत्र के जसपुर भट्टों का निवासी पियुष (26) पुत्र जीवाभाई पाटीदार, दोवड़ा थाना क्षेत्र के बनोकड़ा में नानोतकलां निवासी राहुल (24) पुत्र दयालाल पाटीदार, आसपुर थाना क्षेत्र के गड़ा एखलगजी गारा निवासी प्रकाश (31) पुत्र कमल पाटीदार को गिरफ्तार किया, जबकि एक बाल अपचारी को डिटेन किया है।

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