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कुंवारिया. कस्बे के मेला परिसर स्थित समर्थन मूल्य गेहूं खरीद केंद्र पर किसानों द्वारा खरीद प्रक्रिया में अनियमितताओं के लगाए गए आरोपों के बाद बुधवार को जिला रसद विभाग और एफसीआई के अधिकारियों का संयुक्त जांच दल मौके पर पहुंचा। जांच दल ने खरीद केंद्र की प्रत्येक गतिविधि की गहनता से पड़ताल करते हुए रिकॉर्ड का निरीक्षण किया तथा किसानों की शिकायतों को सुनकर उन्हें कलमबद्ध किया।
किसानों की ओर से गेहूं खरीद में अनियमितता की शिकायत मिलने पर जिला रसद विभाग के प्रवर्तन निरीक्षक जय सिंह, सहायक प्रोग्रामर विनोद खटीक, लेखाधिकारी राजेश चौधरी, एफसीआई उदयपुर के प्रबंधक संतोष कुमार मीणा, लेखा अधिकारी सुरजीत सिंह चौधरी सहित अन्य कार्मिकों का दल खरीद केंद्र पहुंचा।
अधिकारियों ने खरीद प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों और रिकॉर्ड की विस्तृत जानकारी ली तथा किसानों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना। मौके पर मौजूद किसानों ने जांच दल को बताया कि ऑनलाइन आवेदन करने और मोबाइल पर गेहूं खरीद का संदेश मिलने के बाद भी निर्धारित तिथि पर केंद्र पहुंचने पर खरीद प्रक्रिया में आनाकानी की जाती है। किसानों ने गेहूं की मात्रा को लेकर भी लगातार विवाद और असमंजस की स्थिति बने रहने की बात कही, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
किसानों का आरोप था कि केंद्र पर बारदान की कमी तथा बाद में बारदान उपलब्ध होने के बावजूद गेहूं खरीद में अनियमितता बरती गई। कई किसानों का गेहूं अभी तक नहीं खरीदा गया है, जिससे वे आर्थिक और मानसिक रूप से परेशान हैं। किसानों ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान भी उन्हें इतनी दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ा था, जितनी वर्तमान व्यवस्था में हो रही है। उन्होंने मौजूदा खरीद व्यवस्था को किसान हितों के लिए परेशानी भरा बताया।
जांच दल ने गेहूं खरीद की मात्रा, तुलाई मजदूरी सहित विभिन्न बिंदुओं पर जानकारी एकत्रित कर पूरे मामले की पड़ताल की। अधिकारियों ने किसानों के पक्ष और केंद्र के रिकॉर्ड के आधार पर आवश्यक तथ्य संकलित किए।
Updated on:
11 Jun 2026 06:08 pm
Published on:
11 Jun 2026 04:35 pm
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