कस्बे के नीलकंठ चौराहा से अंबेडकर सर्किल के मध्य दो स्थानों पर सार्वजनिक निर्माण विभाग के माध्यम से बनाई जा रही सीमेंट सडक़ के निर्माण कार्य को अधूरा ही छोड़ दिया गया तथा जो सीमेंट सडक़ बनाई गई
कुंवारिया. कस्बे के नीलकंठ चौराहा से अंबेडकर सर्किल के मध्य दो स्थानों पर सार्वजनिक निर्माण विभाग के माध्यम से बनाई जा रही सीमेंट सडक़ के निर्माण कार्य को अधूरा ही छोड़ दिया गया तथा जो सीमेंट सडक़ बनाई गई उस पर तराई का कार्य भी तीन दिनों से बंद है। ऐसे में आसपास के व्यापारी सड़क की मजबूती बनाए रखने के लिए खुद ही पानी का पाइप सड़क तक पहुंचा कर तराई करते हुए दिखाई दिए।
कस्बे के युवा व्यापारी दिनेश सालवी ने बताया कि बस स्टैंड से अंबेडकर सर्किल के मध्य में आधी-अधूरी सडक़ का निर्माण कार्य कराया गया। एक तरफ की तो सडक बना दी, परन्तु दूसरी तरफ की सडक नहीं बनाई गई है, जो सडक बनाई गई उसमे भी सीमेंट सडक़ पर तराई का कार्य भी विगत तीन दिनों से बंद है। ऐसे में उन्होंने अपने प्रतिष्ठान से पानी उपलब्ध कराकर सड़क पर तराई की गई। उन्होंने बताया कि सड़क पर तराई अधूरी रहेगी तो सडक कैसे मजबूत होगी। कस्बे के सामाजिक कार्यकर्ता अमरसिंह डोडिया, शेषमल प्रजापत, रवि सेन, विनोद प्रजापत, पूर्व पंसस. मुकेश शर्मा, दिनेश सालवी, मनोज सेन, मनोहर लाल खटीक, मनोहर दास वैष्णव, रवि सेन आदि कार्यकर्ताओं ने बताया कि सडक़ का कार्य आधा-अधूरा पड़ा हुआ है। वहीं, सड़क के समीप खोदी गई जमीन को पयाप्त रूप से समतलीकरण नहीं करने से रास्ता ऊबड खाबड व कीचडय़ुक्त होने से टेंपो व लोडिंग वाहनों की आवाजाही में काफी अधिक दिक्कत आ रही है। कार्यकर्ताओं ने बताया कि रविवार की दिन में भी पांच लोडिंग वाहन इस कीचड़ में फंस गए, जिसे निकालने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। एक टेम्पों को तो कीचड़ व दलदल से निकालने के लिए ट्रैक्टर को मौके पर बुलाना पड़ा।
कस्बे के सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बताया कि कुंवारिया के वीर तेजा चौराहा से नीलकंठ चौराहा बस स्टैंड अंबेडकर सर्किल तक की सड़क के दोनों तरफ नालियों का निर्माण करना अत्यंत आवश्यक बताया है। कार्यकर्ताओं ने बताया कि नालियों के अभाव में घरों से निकलने वाला पानी सीधे सडक़ पर फैल रहा है, जिससे आए दिन वाहन चालक फिसल कर जख्मी हो रहे हैं। वहीं, सड़क के भी क्षतिग्रस्त होने की आशंका बनी हुई है।