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रावली-टॉडगढ़ में होने जा रहा यह ऐतिहासिक काम, बढ़ेगा पर्यटन और व्यवसाय…पढ़े पूरी खबर

रावली-टॉडगढ़ अभ्यारण्य का जोनल मास्टर प्लान बनाया जाएगा। इसके लिए सर्वे करवाने का कार्य जारी है। आगामी दो माह में काम पूरा होने की उम्मीद है। इसके बाद आपत्तियां आदि मांगी जाएगी। इनके निस्तारण के बाद नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा।

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हिमांशु धवल
राजसमंद.
रावली-टॉडगढ़ अभ्यारण्य का जोनल मास्टर प्लान बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। इससे बनने से व्यवसायिक गतिविधियों के साथ पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। हालांकि अभी इसके लागू होने में एक वर्ष से अधिक समय लगने की उम्मीद है। लेकिन इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलना तय माना जा रहा है। कुंभलगढ़ की तरह रावली-टॉडगढ़ भी पर्यटन के रूप में विकसित होने पर पर्यटन को पंख लगेंगे। राजसमंद, पाली और अजमेर के बीच में रावली टॉडगढ़ वन्यजीव अभ्यारण्य है। चहुंओर से पहाडियों से घिरे इस अभ्यारण की सुंदरता और उसमें रहने वाले वन्यजीव वर्षो से आकर्षण का केन्द्र बने हुए हैं। 17 सितम्बर 2015 को पर्यावरण वन और जलवायु मंत्रालय ने इसके लिए गजट नोटिफिकेशन जारी किया था। प्रतिवर्ष सैंकडों पर्यटक यहां पर पहुंचते हैं, लेकिन पर्यटकों के लिए सुविधाओं के अभाव आदि के कारण इसे बढ़ावा नहीं मिल सका। राज्य सरकार की ओर से गत बजट में रावली टॉडगढ़ का जोनल मास्टर प्लान बनाने की घोषणा की थी। इसके तहत डीजीपीएस, ड्रोन सर्वे और चिन्हिकरण का कार्य किया जा रहा है। उक्त कार्य को पूरा होने में करीब दो माह से अधिक लगने की उम्मीद है। सर्वे पूरा होने पर जोनल प्लान जारी कर उस पर आमजन से आपत्तियां और सुझाव मांगे जाएंगे। उन सुझावों में जोडऩे अथवा हटाने योग्य सुझावों को जोडकऱ उसे सरकार के पास भेजा जाएगा। वहां से निर्धारित प्रक्रिया के बाद जोनल मास्टर प्लान लागू किया जाएगा। इस पूरे कार्य में एक वर्ष से अधिक लगने की उम्मीद है।

495 वर्गकिमी में फैला अभ्यारण्य

टॉडगढ़-रावली अभ्यारण्य 495.27 वर्ग किमी क्षेत्र में फैला है। यहां पर पैंथर, रीछ, जंगली सूअर, लंगूर, लकड़बग्घा, लोमड़ी, सियार, खरगोश सहित अन्य वन्यजीव हैं। बारिश के दौरान यहां पर पहाड़ों से गिरते झरने और चहुंओर फैली हरियाली पर्यटकों को अपनी और आकर्षित करती है। यहां पर अंग्रेज के शासन काल में बना एक रेस्ट हाउस भी है।

यह होगा फायदा

  • रावली-टॉडगढ़ क्षेत्र में व्यवस्थित और सुनियोजित विकास होगा
  • बुनियादी सुविधाओं में विकास होगा और योजना बनाई जा सकती है।
  • पर्यावरण संरक्षण के लिए नवीन योजनाएं बनाई जा सकेगी।
  • क्षेत्र में पर्यटन, व्यवसाय और उद्योग के विकास को बढ़ावा मिलेगा
  • निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और सुविधाओं में इजाफा होगा।

जोनल मास्टर प्लान का सर्वे जारी

रावली-टॉडगढ़ का जोनल मास्टर प्लान बनाने के लिए सर्वे आदि का काम जारी है। इसमें करीब दो माह का समय लगेगा। इसके बाद आपत्तियां आदि आमंत्रित की जाएगी। जोनल मास्टर प्लान बनने से व्यवसायिक गतिविधियों के साथ ईको ट्यूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा।

  • कस्तूरी प्रशांत सुले, उप वन संरक्षक राजसमंद
Published on:
27 Mar 2025 10:33 am
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