राजसमंद. जन विकास संस्थान द्वारा ‘सुकून’ परियोजना के अंतर्गत किशोरी लीडर्स के लिए एक दिवसीय क्षमता वर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किशोरियों को उनके अधिकारों, कानूनी जानकारी एवं नेतृत्व क्षमता के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना था। संस्थान की निदेशक शकुंतला पामेचा ने कहा कि उन्हें हिंसा के खिलाफ आगे बढ़कर […]
राजसमंद. जन विकास संस्थान द्वारा ‘सुकून’ परियोजना के अंतर्गत किशोरी लीडर्स के लिए एक दिवसीय क्षमता वर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किशोरियों को उनके अधिकारों, कानूनी जानकारी एवं नेतृत्व क्षमता के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना था।
संस्थान की निदेशक शकुंतला पामेचा ने कहा कि उन्हें हिंसा के खिलाफ आगे बढ़कर संगठित रूप से कार्य करना होगा। साथ ही अपने अधिकारों की रक्षा के लिए कानून की जानकारी को समझना और उसका सही उपयोग करना आवश्यक है। प्रशिक्षण के दौरान किशोरियों को पैरालीगल वर्कर के कार्यों एवं उनकी भूमिका के बारे में विस्तार से बताया गया। एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया तथा कानूनी सहायता प्राप्त करने के तरीकों की जानकारी दी गई।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से आई एडवोकेट पोखर खंडेलवाल एवं रितु शर्मा ने किशोरियों को हिंसा के विभिन्न प्रकारों, विशेषकर घरेलू हिंसा के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने निःशुल्क विधिक सहायता की सुविधा तथा महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों जैसे 15100 (विधिक सहायता), 1930 (साइबर हेल्पलाइन) एवं 1098 (चाइल्डलाइन) की जानकारी प्रदान की। इसके साथ ही जन सहयोग के लिए व्हाट्सएप नंबर 9119365734 साझा किया गया, जिस पर गांव में महिलाओं से संबंधित समस्याओं की शिकायत दर्ज करवाई जा सकती है।
कार्यक्रम में कालिका पेट्रोलिंग यूनिट की महिला कांस्टेबल द्वारा किशोरियों को राज कॉप ऐप एवं सेल्फ डिफेंस के बारे में जानकारी दी गई। अंत में किशोरियों को कौशल प्रशिक्षण केंद्र का भ्रमण कराया गया, जहां उन्हें कंप्यूटर एवं सिलाई सहित विभिन्न कौशलों की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में निमा राव एवं सीता रेगर की भागीदारी रही।