
राजसमंद. हल्के व वाहन खरीदने के बाद ऋण की किश्तें जमा नहीं होने पर डिफॉल्टर वाहन फाइनेंस कंपनियों ने जब्त कर डूबते ऋण की वसूली कर ली। साथ ही राज्य सरकार के परिवहन टैक्स पर भी कुंडली मार ली। परिवहन विभाग के दल द्वारा विभिन्न फाइनेंस कंपनियों द्वारा जब्त वाहन यार्ड की छापेमार कार्रवाई कर जांच की, तो 30 वाहनों को करीब 20 लाख से ज्यादा टैक्स बकाया निकला। परिवहन दल ने मौके पर चालान बनाते हुए वाहनों को सीज कर दिया। अब बकाया टैक्स जमा नहीं होने तक फाइनेंस कंपनियां न तो लोगों को वाहन वाहन रिलीप कर सकेंगे और न ही नीलामी की कार्रवाई कर पाएंगें।
जानकारी के अनुसार इंडसइंड, एचडीबी, एचएफएल इंडिय इन्फोलाइन, एयू फाइनेंस, एसके फाइनेंस, चोलामंडलम, कोटेक महिन्द्रा, हिन्दुजा फाइनेंस कंपनी के वाहन यार्ड में खड़े प्रत्येक वाहन की परिवहन दल द्वारा जांच की गई। जिला परिवहन अधिकारी अनिल पंड्या के नेतृत्व में परिवहन उप निरीक्षक अनिल चौधरी, विवेक सिरोठा द्वारा फाइनेंस कंपनियों के पार्किंग यार्ड की जांच की गई। इस पर कर्णावट पार्किंग यार्ड में 23 व राठौड़ पार्किंग यार्ड में 7 वाहन जब्त किए गए, जिनके मूल दस्तावेज व कर जमा के दस्तावेज नहीं मिले। इस पर सभी तीस वाहनों को मौके पर चालान बनाकर सील चिट कर दिया। उक्त वाहनों में परिवहन विभाग का करीब 20 लाख रुपए का टैक्स बकाया है। अब परिवहन टैक्स जमा होने के बाद ही फाइनेंस कंपनी के यार्ड में खड़े वाहन रिलीज हो सकेंगे।
कई कंपनियों में अवैध वाहन
बिना टैक्स के कई औद्योगिक कंपनियों में अवैध वाहन चलते हुए परिवहन विभाग ने पकड़े। गत वर्ष विभाग द्वारा दरीबा में हिन्दुस्तान जिंक की आंतरिक खदान से कई विदेशी वाहन संचालित किए। विभाग ने बकाया टैक्स के चालान बनाए। इसी तरह मार्बल माइनिंग क्षेत्र में भी कई एलएनटी, जेसीबी, डम्परों के भी बगैर टैक्स संचालित होने की आशंका है। इसके तहत परिवहन दल द्वारा सभी खदानों के वाहनों की जांच की जा रही है।
फाइनेंस कंपनियां देगी टैक्स
ऋण पर वाहन दिलाने वाली फाइनेंस कंपनियों के यार्ड का निरीक्षण कर तीस वाहन जब्त किए। करीब बीस लाख से ज्यादा टैक्स बकाया है, जिनके मौके पर ही चालान बनाए। फाइनेंस कंपनियों को टैक्स जमा करान होगा, तभी वाहन नीलाम या रिलीज हो सकेंगे।
अनिल पंड्या, जिला परिवहन अधिकारी राजसमंद