
आबकारी का करोड़ों की जमीन कब्जाने की एफआईआर पर एक माह से कोई कार्रवाई नहीं
राजसमंद. आबकारी विभग की भीम पड़ाव में बेशकीमती जमीन पर ग्राम पंचायत भीम द्वारा पट्टे जारी करने के मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस की जांच अटकी पड़ी है। मुख्य लेखा परीक्षक जयपुर से आबकारी की जमीन का आजादी से पहले की स्थिति का रिकॉर्ड आने के इंतजार में पुलिस ने अग्रिम जांच रोक दी है। इससे पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार आबकारी विभाग की ओर से भीम के पड़ाव में बेशकीमती जमीन पर भीम ग्राम पंचायत द्वारा पट्टा काटने और उनके द्वारा तीसरे व्यक्ति को बेचकर रजिस्ट्री करवाने पर भीम थाने में एफआईआर दर्ज करवाई गई। आरोप था कि आबकारी विभाग का भवन खुर्दबुर्द कर जमीन पर कब्जा करने और फर्जी तरीके से विभागीय जमीन बेच दी। जमीन पर आबकारी विभाग का मालिकाना हक होने के दस्तावेज विभागीय अधिकारियों द्वारा पेश कर दिए, लेकिन भीम थाना पुलिस ने वर्ष 1947 से पहले की भौतिक स्थिति का रिकॉर्ड महालेखा परीक्षक जयपुर से मांगा है। अब तक न तो महालेखा परीक्षक से कोई जवाब मिला है व न ही भीम पुलिस ने प्रकरण की अग्रिम जांच की है।
जब्त किए पट्टे
भीम पंचायत द्वारा आबकारी विभाग की बेशकीमती जमीन पर पट्टे काटने की अनियमितता सामने आने के बाद कलक्टर श्यामलाल गुर्जर के आदेश पर भीम एसडीएम के नेतृत्व में गठित समिति ने सभी पट्टे जब्त करते हुए गहन जांच शुरू कर दी। सरपंच गिरधारीसिंह रावत द्वारा आबकारी विभाग की जमीन का उदयपुर के महेंद्रसिंह सहित अन्य लोगों को पट्टे जारी करने की गहन जांच की जा रही है।
रिकॉर्ड आने पर ही होगी अग्रिम जांच
जयपुर से महालेखा परीक्षक से रिकॉर्ड मांगा है। पुराना रिकार्ड आने के बाद ही प्रकरण की अग्रिम जांच हो सकेगी।
लाभूराम, थाना प्रभारी भीम
Published on:
29 Oct 2018 12:08 pm
