कुंवारिया थाना क्षेत्र के कुरज गांव में बनास नदी से चल रहे अवैध बजरी दोहन को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश बुधवार को फूट पड़ा।
कुंवारिया(राजसमंद). कुंवारिया थाना क्षेत्र के कुरज गांव में बनास नदी से चल रहे अवैध बजरी दोहन को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश बुधवार को फूट पड़ा। बजरी माफिया से जुड़े लोगों द्वारा गांव के युवाओं को डराने-धमकाने और उनकी बाइक क्षतिग्रस्त करने की घटना के बाद ग्रामीणों ने बुधवार रात को मंदिर परिसर में सामूहिक बैठक की। गुरुवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण कलक्टर और एसपी कार्यालय पहुंचे तथा ज्ञापन देकर बजरी माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीणों के अनुसार, बुधवार दिन में रीको एरिया रोड पर दो ट्रैक्टर बजरी से भरे हुए जा रहे थे। उसी दौरान गांव के गोविंद, सुरेश, सुनील और रमेश ने ट्रैक्टरों को रोकने की कोशिश की। इस पर बजरी परिवहन करने वालों ने अपने साथियों को मौके पर बुला लिया और चारों युवाओं को डराने-धमकाने के साथ मारपीट करते हुए उनकी बाइक तोड़ दी। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में आक्रोश फैल गया। शाम को ग्रामीण कुरज मंदिर परिसर में एकत्र हुए और बजरी माफिया के खिलाफ कड़ी नाराजगी जताई। बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रशासन के समक्ष सामूहिक रूप से विरोध दर्ज कराया जाएगा।
गुरुवार सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीण कलक्ट्रेट पहुंचे और जिला कलक्टर अरुण कुमार हसीजा तथा पुलिस अधीक्षक ममता गुप्ता को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने कहा कि गांव में बजरी माफिया न केवल खुलेआम अवैध खनन कर रहे हैं, बल्कि जो भी विरोध करता है, उसे धमकाया जा रहा है। ज्ञापन की प्रतियां सांसद, विधायक, खनिज विभाग और अन्य संबंधित अधिकारियों को भी सौंपी गईं। इसके बाद ग्रामीण प्रतिनिधिमंडल कुंवारिया थाने पहुंचा और थाना प्रभारी उदयलाल बरगट को पूरी घटना की जानकारी दी। थानाधिकारी ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि मामले की गंभीरता से जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बजरी माफिया न केवल बनास नदी से अवैध खनन कर रहे हैं, बल्कि विरोध करने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं को सोशल मीडिया पर भी धमकियां दे रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दो दिनों के भीतर आरोपियों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो कुरज गांव पूर्ण रूप से बंद रखा जाएगा और आंदोलन किया जाएगा।
कुरज मंदिर परिसर में हुई बैठक में पंचायत समिति सदस्य प्रवीण वीरवाल, पूर्व सरपंच अरुण बोहरा, पूर्व सरपंच अनिल जाट, पूर्व उपसरपंच मनीष सुखवाल, प्रह्लाद सोनी, दिनेश सोनी, गोपाल बोहरा, नरेश तिवारी, बसंती लाल सोनी, कैलाश पूरी, प्रमोद मंडोवरा, जगदीश जाट, अमर तिवारी, गोविंद जाट, सुरेश जाट, रमेश जाट, सुनील जाट, रामचंद्र चौधरी, रामलाल सुथार, किशनलाल जाट, मुकेश शर्मा, पवन रेगर, भवानीराम कीर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।