रामपुर

Rampur: जौहर यूनिवर्सिटी की खुदाई में मशीन के बाद लाइब्रेरी से खोई किताबें मिलने का दावा

रामपुर विधायक आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी में खुदाई के दौरान नपा की सफाई करने वाली मशीन बरामद हुई थी। वहीं मंगलवार को पुलिस रिमांड पर लिए गए दोनों आरोपियों की निशानदेही पर यूनिवर्सिटी कैंपस बिल्डिंग में बनी लिफ्ट शाफ्ट में छुपा कर रखी गई कीमती किताबें बरामद की गई हैं।

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Sep 20, 2022
After machine in excavation of Jauhar University claim of getting lost books from the library

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और रामपुर से विधायक आजम खान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पिछले दिनों ही आजम के बेटे अब्दुल्लाह आजम के बेहद करीबी दो मित्रों को जुआ खेलते हुए वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने अरेस्ट किया था। जिसमें पूछताछ में कई गंभीर मामले सामने आए। जिसके बाद सोमवार को रामपुर जिला प्रशासन आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी में बुलडोजर लेकर पहुंचा था। जहां खुदाई में नगर पालिका रामपुर की सफाई करने वाली कीमती मशीन बरामद हुई थी। वहीं मंगलवार को पुलिस रिमांड पर लिए गए दोनों आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने खुदाई कराई। इस दौरान यूनिवर्सिटी कैंपस बिल्डिंग में बनी लिफ्ट शाफ्ट में छुपा कर रखी गई कीमती किताबें बरामद की गई हैं।

पुलिस को लिफ्ट के नीचे से बरामद हुई किताबें

बताया जाता है कि जो किताबें बरामद की गई हैं, उन्हें मदरसा आलिया लाइब्रेरी से चोरी किया गया था। इस मामले में 2019 में एफआईआर भी दर्ज की गई थी। पुलिस का कहना है कि 2019 में चोरी का एक मुकदमा दर्ज हुआ था, जिसमें 7 अभियुक्त जेल गए, जबकि 2500 किताबें बरामद हो गई थी। बाकी 7000 किताबें बची हुई थी। ये किताबें अनवर और सालिम की निशानदेही पर यूनिवर्सिटी में लिफ्ट के नीचे से बरामद की गई है। बता दें कि मदरसा आलिया लाइब्रेरी की स्थापना 1774 में नवाब रामपुर ने की थी। इस मदरसे को राजकीय ओरेंटल कॉलेज के नाम से भी जाना जाता था। वहीं अब किताबों की बरामदगी के बाद पुलिस दोनों आरोपियों अनवर और सालिम की रिमांड और बढ़ाने के लिए एक बार फिर से न्यायालय का रुख कर रही है।

यूनिवर्सिटी प्रशासन की शह मिलने की बात स्वीकारी

रामपुर पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने यूनिवर्सिटी प्रशासन की शह मिलने पर किताबों को चुराने की बात स्वीकारी है। उन्हीं की शह पर इन किताबों को छिपाया गया था, जो उस समय कर्मचारी थे। पुलिस ने कहा कि वे सब मुल्जिम बनेंगे, इनकी पीसीआर अप्लाई कर रहे हैं। इसके बाद पीसीआर पर लेकर और चीजें बरामद करेंगे। वहीं इस मामले पर मदरसा आलिया के प्रधानाचार्य जुबैर अहमद ने कहा कि 2016 में ओरिएंटल कॉलेज की बिल्डिंग पर मंत्री द्वारा कब्जा कर लिया गया। फिर उसकों ट्रस्ट के नाम कराया। उस मामले में 2019 में एफआईआर दर्ज हुई जिसमें करीब 2500 किताबें बरामद की गई थी। बाकी बची हुई किताबें आज बरामद हुई हैं।

Published on:
20 Sept 2022 04:12 pm
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