रामपुर

‘अगर किसी यादव के नाम पर यूनिवर्सिटी होती, तो सपा सड़क पर उतर आती’, जौहर यूनिवर्सिटी एक्शन पर भड़के वारिस पठान

Jauhar University: रामपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी ने मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की बिल्डिंग्स को गिराने का आदेश दिया तो AIMIM के प्रवक्ता वारिस पठान ने कहा कि बीजेपी मुसलमानों से नफरत करती है।
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Jul 16, 2026
azam khan
सपा नेता आजम खां

Waris Pathan Jauhar University Demolition Statement: समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता रहे आजम खान के ड्रीम प्रोजेक्ट मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी में विकास प्राधिकरण की कार्रवाई पर सियासी बवाल मच गया है। प्राधिकरण ने यूनिवर्सिटी की 38 इमारतों को अवैध बताते हुए गिराने का आदेश दे दिया है। इस पर AIMIM के प्रवक्ता वारिस पठान ने भारतीय जनता पार्टी पर जमकर निशाना साधा।

'मुसलमानों से नफरत करती है बीजेपी'

वारिस पठान ने कहा कि बीजेपी मुसलमानों से नफरत करती है, ये तो पूरे देश को पता है। लेकिन अब ये छात्रों, यूनिवर्सिटी और शिक्षकों से भी नफरत करने लगी है, ये बात भी सामने आ गई है। देखिए, ये एक यूनिवर्सिटी है। अगर कहीं अवैध कब्जा है तो नियमितीकरण और कंपाउंडिंग के लिए कानून हैं। पहले ये देखना चाहिए कि क्या कोर्ट का कोई आदेश है या डीएम ने कुछ कहा है।

'मुसलमानों के नाम पर बनी है, इसलिए हो रहा है एक्शन'

उन्होंने आगे कहा कि लखनऊ में लोग कह रहे हैं कि कब्जा है, इसलिए कार्रवाई हो रही है। लेकिन असली वजह यूनिवर्सिटी का नाम है। जिसने इसे बनाया, उनका नाम खान है। नाम बदल दो तो शायद समस्या खत्म? ये बुलडोजर कार्रवाई क्यों? ये सॉफ्ट हिंदुत्व का खेल है। अगर यूनिवर्सिटी का नाम किसी यादव के नाम पर होता तो समाजवादी पार्टी के नेता सड़कों पर उतर आते। वारिस पठान ने कहा कि ये लोग मुसलमानों के बारे में सोचते ही नहीं। यूनिवर्सिटी को राजनीति से दूर रखना चाहिए।

सपा ने यूपी सरकार पर बोला हमला

समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता अमीक जामेई ने कहा कि लोग बुलडोजर की कार्रवाई से तंग आ चुके हैं, इसकी जगह उन्हें डायनामाइट का इस्तेमाल करके पूरे कैंपस को ही बम से उड़ा देना चाहिए। अमीक जामेई ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कहना चाहते हैं कि बुलडोजर की कार्रवाई से लोग थक चुके हैं। आप डायनामाइट लगाकर पूरी यूनिवर्सिटी को ही उड़ा दीजिए। या एयर फोर्स का इस्तेमाल करके भी कैंपस को उड़ाया जा सकता है। आप न तो धर्म का मंदिर छोड़ रहे हैं, न ही शिक्षा का मंदिर। धर्म का मंदिर लूट चुका है और अब शिक्षा का मंदिर भी लूटने जा रहा है। जब धर्म का मंदिर नहीं बच सका तो शिक्षा के मंदिर का क्या महत्व है?'

Updated on:
16 Jul 2026 09:56 pm
Published on:
16 Jul 2026 09:56 pm