Highlights-नसीमा खातून की तहरीर पर दर्ज हुआ था केस-15 अक्टूरबर 2016 को सीओ सिटी व सपाई घुस आए थे घर में-शिकायत के अनुसार, पिटाई से महिला के पति की मौत हो गई थी
रामपुर। सपा सांसद आजम खान को दो और मुकदमों में राहत मिल गई है। आचार संहिता और यतीमखाना प्रकरण के एक मुकदमे में अदालत ने उनकी जमानत अर्जी मंजूर कर ली है। यतीमखाना प्रकरण में यह चौथा मामला है, जिसमें सांसद की जमानत अर्जी मंजूर हुई है।
यतीमखाना मामले में हुई थी सुनवाई
शुक्रवार को सांसद के खिलाफ दर्ज यतीमखाना प्रकरण के जिस मुकदमे की जमानत अर्जी पर सुनवाई थी, वह नसीमा खातून की तहरीर पर हुआ था। शहर कोतवाली में दर्ज इस मुकदमे में महिला का कहना था कि 15 अक्टूबर 2016 को सुबह 6 बजे पूर्व सीओ सिटी आले हसन खान पुलिस फोर्स और सपाइयों को लेकर उनके घर आए। उनके पति बाबू अली से कहने लगे कि यह जगह आजम खान ने ले ली है। अब जौहर ट्रस्ट की है। यहां आजम खान का स्कूल बनना है, इसलिए फौरन खाली कर दो, वर्ना फर्जी मुकदमों में जेल भेज देंगे।
पति को बुरी तरह पीटा था
रिपोर्ट के अनुसार, पति ने विरोध किया और घर के कागजात दिखाए तो आरोपियों ने मकान के कागजात छीनकर फाड़ दिए। पति को बुरी तरह पीटकर घर से निकाल दिया गया। पिटाई से घायल पति की कुछ दिन बाद मौत हो गई थी। आरोपियों ने उनके घर में रखे सोने-चांदी के जेवर भी लूट लिए थे। इसके अलावा तीन भैंस और एक गाय का बछड़ा भी खोलकर ले गए थे। उनके मकान पर बुलडोजर चला दिया था। पुलिस ने इस मुकदमे में मारपीट, लूट आदि धाराओं के साथ ही गैर इरादत हत्या की धारा भी लगाई थी। जमानत अर्जी पर अभियोजन की ओर से आपत्ति जताई गई।
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आजम के वकील ने दी जानकारी
सांसद के अधिवक्ता खलील उल्ला खान ने बताया कि अदालत ने इस मामले में जमानत अर्जी मंजूर कर ली है। वहीं, शुक्रवार को ही सांसद के खिलाफ खजुरिया थाने में दर्ज आचार संहिता के मुकदमे में जमानत अर्जी पर भी सुनवाई हुई। यह मुकदमा लोकसभा चुनाव के दौरान दर्ज हुआ था, जिसमें सांसद पर भड़काऊ भाषणबाजी देने का आरोप है। इस मुकदमे में भी सांसद की जमानत अर्जी मंजूर हो गई है।