रामपुर

आजम खान की मुश्किलें बरकरार, तत्काल सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, ED ने जेल से निकलते किया था गिरफ्तार

Azam Khan News: सपा नेता आजम खान को ED की गिरफ्तारी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट से तत्काल राहत नहीं मिली। अदालत ने याचिका इसी हफ्ते सुनवाई के लिए सूचीबद्ध होने की बात कही है। वहीं, जौहर यूनिवर्सिटी मामले में रामपुर कोर्ट में पुलिस कस्टडी रिमांड पर सुनवाई होनी है।
2 min read
• •
Updated: 2 Nov 2026, 1:48 PM IST
azam-khan
आजम खान (फोटो IANS/वीडियो ग्रैब)

Azam Khan Supreme Court Hearing: समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान को प्रवर्तन निदेशालय (ED) की गिरफ्तारी के मामले में सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल तत्काल राहत नहीं मिली है। सोमवार को अदालत ने उनकी याचिका पर तुरंत सुनवाई करने से इनकार कर दिया। आजम खान फिलहाल 14 दिन की न्यायिक हिरासत में गाजियाबाद की डासना जेल में हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से किया इनकार

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन जजों की बेंच ने सोमवार को आजम खान की याचिका पर सुनवाई की। यह याचिका ED की गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए दाखिल की गई है। अदालत ने तत्काल सुनवाई से इनकार करते हुए कहा कि याचिका इसी सप्ताह लिस्ट हो सकती है। ऐसे में अब आजम खान के वकीलों को सुनवाई का इंतजार करना होगा।

जेल से बाहर आते ही ED ने किया गिरफ्तार

आजम खान को दो पैनकार्ड मामलों में जमानत मिलने के बाद 31 अक्टूबर की शाम रामपुर जेल से रिहा किया गया था। लेकिन जेल के गेट से बाहर आते ही ED के अधिकारियों ने उन्हें हिरासत में ले लिया। इस दौरान काफी देर तक बहस हुई। इसके बाद ED की टीम उन्हें लेकर गाजियाबाद चली गई।

एक नवंबर को आजम खान को गाजियाबाद की विशेष पीएमएलए कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। फिलहाल वह डासना जेल में बंद हैं।

जौहर यूनिवर्सिटी मामले में रिमांड पर सुनवाई

रामपुर की MP-MLA स्पेशल कोर्ट में सोमवार दोपहर 12 बजे जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मुकदमे में आजम खान की पुलिस कस्टडी रिमांड की अर्जी पर सुनवाई होनी है। अदालत यह भी तय करेगी कि उन्हें डासना जेल से रामपुर लाया जाएगा या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया जाएगा। यह मुकदमा ED की शिकायत पर 13 अक्टूबर 2026 को रामपुर के अजीमनगर थाने में दर्ज किया गया था। इसमें जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण में सरकारी धन के कथित दुरुपयोग और वित्तीय गड़बड़ियों के आरोप लगाए गए हैं।

पांच पक्षों के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा

ED की शिकायत पर दर्ज मुकदमे में आजम खान, मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और एसएस एंड एस एंटरप्राइजेज समेत पांच पक्षों को नामजद किया गया है। मामले की जांच टांडा के सीओ पंकज पंत कर रहे हैं। उन्होंने 29 अक्टूबर को MP-MLA स्पेशल कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर आजम खान को हिरासत में लेकर पूछताछ करने की अनुमति मांगी थी। अदालत ने इस अर्जी पर सुनवाई के लिए 2 नवंबर की तारीख तय करते हुए आजम खान को तलब किया था। अपर पुलिस अधीक्षक अनुराग सिंह ने भी अर्जी दाखिल होने की पुष्टि की थी।

आजम के वकील उठाएंगे गिरफ्तारी का सवाल

सपा नगर अध्यक्ष आसिम राजा के मुताबिक, आजम खान के वकील अदालत में यह सवाल उठाएंगे कि जब पुलिस कस्टडी रिमांड की अर्जी पर सुनवाई के लिए 2 नवंबर की तारीख पहले से तय थी, तो उन्हें 31 अक्टूबर को ही हिरासत में लेकर गाजियाबाद क्यों ले जाया गया। आजम खान के अधिवक्ता नासिर सुल्तान ने भी कहा कि अदालत में उनका पक्ष रखा जाएगा। अब सुप्रीम कोर्ट और रामपुर की अदालत में होने वाली सुनवाई के फैसलों पर नजर है।

Updated on:
2 Nov 2026, 1:48 PM IST
Published on: