मुरादाबाद जिले में शादी के 5 माह बाद ही एक महिला से घर में ही अकेला पाकर गैंगरेप किया गया है। इतना ही नहीं पीड़िता की आपबीती सुन पति ने उसे तीन तलाक देकर घर से भगा दिया है। पुलिस अधीक्षक के आदेश पर पुलिस ने पति समेत ससुराल पक्ष के सात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
केंद्र सरकार ने तीन तलाक के खिलाफ भले ही कड़ा कानून बना दिया है, लेकिन उत्तर प्रदेश में तीन तलाक के मामलों में कमी दर्ज नहीं की जा रही है। ताजा मामला मुरादाबाद जिले का है। जहां एक महिला को दहेज के लिए प्रताड़ित किया गया। इसके बाद भी जब मांग पूरी नहीं हुई तो उसके साथ घर में ही अकेला पाकर गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया गया। इतना ही नहीं जब पीड़िता ने आपबीती पति को सुनाई तो उसने मारपीट करते हुए तीन तलाक देकर घर से भगा दिया। पुलिस अधीक्षक के पास न्याय की गुहार लगाने पहुंची पीड़िता की शिकायत पर पति समेत ससुराल पक्ष के सात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
दरअसल, रामपुर जिले के टांडा थाना क्षेत्र की रहने वाली एक महिला का निकाह 5 महीने पहले ही मुरादाबाद के भोजपुर थाना क्षेत्र स्थित एक गांव में हुआ था। पुलिस अधीक्षक के पास इंसाफ मांगने पहुंची पीड़िता ने बताया कि पिता ने शादी में 12 लाख रुपये का खर्चा किया था। इसके बाद भी ससुराल पक्ष के लोग दहेज से नाखुश थे। वे लोग 2 लाख रुपये कैश के साथ एक ऑल्टो कार और एक भैंस की डिमांड कर रहे थे। जब उसने इससे इनकार किया तो ससुर ने उसके पेट पर लात मार दी। इस कारण उसका एक महीने का गर्भपात हो गया।
घर में अकेला पाकर किया गैंगरेप
पीड़िता का आरोप है कि दो सितंबर की रात करीब 8 बजे थे और पति के बाहर जाने के चलते वह घर में अकेली लेटी थी। इसी बीच देवर और ननदोई एक अन्य व्यक्ति को लेकर उसके कमरे में घुस गए। उन्होंने तमंचा दिखाते हुए मारने की धमकी देकर जबरन उसको हवस का शिकार बनाया। जब पति के लौटने पर उसने आपबीती सुनाई तो पति ने तीन तलाक देकर घर से भगा दिया।
एसपी के आदेश पर केस दर्ज
पुलिस अधीक्षक अशोक शुक्ल ने इस मामले में पति समेत 7 लोगों के खिलाफ एफआईआर के आदेश दिए। थाना प्रभारी अजयपाल सिंह ने बताया कि महिला की तहरीर पर केस दर्ज करते हुए जांच की जा रही है।