रामपुर

इकरा हसन की हिरासत पर भड़के सपा नेता, रामपुर में बोले- लोकतंत्र में आवाज उठाना अपराध नहीं

UP News: सहारनपुर में सपा सांसद इकरा हसन को पुलिस हिरासत में लिए जाने के बाद राजनीतिक विवाद गहरा गया है। सपा नेताओं ने भाजपा सरकार पर महिला जनप्रतिनिधियों का अपमान और लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने का आरोप लगाया है।

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May 20, 2026
इकरा हसन की हिरासत पर भड़के सपा नेता

Iqra Hasan Detention:सहारनपुर में समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। सांसद की हिरासत को लेकर समाजवादी पार्टी लगातार भाजपा सरकार और पुलिस प्रशासन पर हमलावर नजर आ रही है। इस मुद्दे ने अब रामपुर तक राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है, जहां सपा नेताओं ने इस कार्रवाई को लोकतंत्र और महिला सम्मान पर हमला बताया है।

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रामपुर में सपा नेताओं ने जताई नाराजगी

रामपुर के चमरौआ विधानसभा क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी और जिला पंचायत सदस्य मुस्तफा हुसैन ने प्रेस से बातचीत में भाजपा सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार “महिला सुरक्षा” और “नारी सम्मान” के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन दूसरी तरफ जब एक महिला सांसद पीड़ित परिवार की मदद और न्याय की मांग को लेकर पहुंचती हैं, तो उन्हें हिरासत में ले लिया जाता है। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई सरकार की कथनी और करनी के बीच का अंतर साफ दिखाती है।

लोकतांत्रिक अधिकारों का हो रहा दमन

मुस्तफा हुसैन ने कहा कि किसी भी जनप्रतिनिधि का कर्तव्य होता है कि वह जनता की समस्याओं और पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा हो। अगर कोई सांसद जनता की आवाज उठाने जाए और उसे ही पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़े, तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ माना जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विरोध की हर आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है।

संविधान का हवाला देकर उठाए सवाल

सपा नेता ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 का जिक्र करते हुए कहा कि हर नागरिक को गरिमापूर्ण जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार प्राप्त है। उन्होंने कहा कि किसी जनप्रतिनिधि को पीड़ित परिवार से मिलने से रोकना और न्याय की मांग उठाने पर हिरासत में लेना संविधान की भावना के विपरीत है। उनके मुताबिक यह कार्रवाई न केवल राजनीतिक रूप से गलत है, बल्कि संवैधानिक मूल्यों पर भी सवाल खड़े करती है।

आरोपियों पर कार्रवाई के बजाय जनप्रतिनिधियों को रोका गया

मुस्तफा हुसैन ने पुलिस प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रशासन को हत्या के आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए थी, लेकिन इसके बजाय पीड़ित परिवार के समर्थन में पहुंची सांसद पर ही कार्रवाई की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे जनता के बीच गलत संदेश गया है और लोगों का भरोसा प्रशासनिक व्यवस्था से कमजोर हो सकता है।

भाजपा सरकार पर लगाया विरोध दबाने का आरोप

सपा नेता ने कहा कि वर्तमान सरकार विपक्ष की आवाज को दबाने की राजनीति कर रही है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जनप्रतिनिधियों के साथ इसी तरह का व्यवहार जारी रहा, तो जनता सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होगी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सवाल पूछना और न्याय की मांग करना अपराध नहीं हो सकता।

निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग

मुस्तफा हुसैन ने सांसद इकरा हसन के साथ हुए व्यवहार की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की भी मांग उठाई। उन्होंने कहा कि जनता यह देख रही है कि सरकार किस तरह विपक्षी नेताओं और जनप्रतिनिधियों के साथ व्यवहार कर रही है और आने वाले समय में इसका राजनीतिक असर भी दिखाई देगा।

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