Loksabha By Election 2022 : आजम खान के इस्तीफा देने के बाद खाली हुई रामपुर लोकसभा सीट पर 23 जून को उपचुनाव होगा। भाजपा ने जहां पूर्व एमएलसी घनश्याम लोधी को चुनाव मैदान में उतारा है। वहीं, सपा के टिकट पर सास तजीन फातिमा या बहू सिदरा खान चुनाव लड़ेंगी ये सस्पेंस बरकरार है।
Loksabha By Election 2022 : समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता आजम खान दिल्ली में उपचार के बाद स्वस्थ होकर रामपुर आ चुके हैं। उनके आने से रामपुर में होने वाले लोकसभा उपचुनाव को लेकर सरगर्मी बढ़ने वाली है। क्योंकि समाजवादी पार्टी की ओर से अभी प्रत्याशी के नाम की घोषणा नहीं की गई है। माना जा रहा है कि इस चुनाव में सपा आजम खान की पत्नी डॉ. तजीन फातिमा या बहू सिदरा खान को प्रत्याशी बना सकती है। इन दोनों के नाम पर फिलहाल सस्पेंस बरकरार है। हालांकि सियासी गलियारों में यह भी चर्चा है कि अखिलेश यादव और आजम खान के बीच आपसी सहमति प्रत्याशी का नाम फाइनल हो चुका है। प्रत्याशी जो भी वह आजम खान की पसंद का ही होगा।
बता दें कि रामपुर लोकसभा की सीट आजम खान के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। अब इस सीट पर 23 जून को वोट डाले जाएंगे। उपचुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अभी तक किसी भी प्रत्याशी ने नामांकन दाखिल नहीं किया है। उपचुनाव के लिए अभी तक डॉ. तजीन फातिमा के साथ आसिम राजा नामांकन पत्र खरीद चुके हैं। वहीं, भले ही कांग्रेस ने अपना प्रत्याशी घोषित नहीं किया है, लेकिन नवाब काजिम अली खान उर्फ नवेद मियां के नाम पर उनके पीआरओ काशिफ खान ने पर्चा खरीदा है। अगर कांग्रेस नवेद मियां को प्रत्याशी बनाती है तो मुकाबला त्रिकोणीय होने केे आसार हैं। क्योंकि बसपा पहले रामपुर से प्रत्याशी उतारने से मना कर चुकी है।
आजम खान पर निर्भर पत्नी या बहू लड़ेगी चुनाव
सूत्रों की मानें तो सपा आजम खान की पत्नी तजीन फातिमा या फिर बहू सिदरा खान को उपचुनाव के मैदान में उतार सकती है। यह सिर्फ आजम खान पर निर्भर है कि वह किसे उतारेंगे। वहीं, भाजपा पहले ही अपने प्रत्याशी के नाम का ऐलान कर चुकी है। भाजपा ने रामपुर लोकसभा सीट से बरेली-रामपुर एमएलसी सीट से पूर्व एमएलसी घनश्याम लोधी पर भरोसा जताया है। माना जा रहा है कि अगर नवेद मियां भी मैदान में उतरे तो त्रिकोणीय मुुकाबला पक्का है।
सपा का दावा सबसे मजबूत
बता दें कि रामपुर लोकसभा सीट पर समाजवादी पार्टी का दावा मजबूत है। क्योंकि रामपुर को आजम खान का गढ़ कहा जाता है। जेल में रहते हुए भी उन्होंने विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत हालिस की थी। अब जब वह जेल से बाहर आ गए हैं तो सियासी रुतबा लोगों को और आकर्षित कर सकता है।