
SP MP Mohibbullah Nadvi: रामपुर से समाजवादी पार्टी के सांसद मोहिब्बुल्लाह नदवी ने धर्मांतरण, धार्मिक स्वतंत्रता और अपने ऊपर दर्ज प्राथमिकियों (FIR) को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि धर्म चुनना किसी भी व्यक्ति की व्यक्तिगत स्वतंत्रता और उसकी अंतरात्मा की आवाज से जुड़ा मामला है, जिसे भारतीय संविधान और अंतरराष्ट्रीय कानून पूरी सुरक्षा प्रदान करते हैं।
धर्मांतरण विवाद से जुड़े सवाल पर सपा सांसद मोहिब्बुल्लाह नदवी ने कहा कि धर्म का मामला किसी व्यक्ति की अंतरात्मा और उसकी स्वायत्तता का विषय है। जब कोई व्यक्ति अपना धर्म बदलने का फैसला करता है, तो वह अपनी अंतरात्मा की आवाज पर ऐसा करता है। हमारे देश का संविधान, घरेलू कानून और अंतरराष्ट्रीय कानून भी हर नागरिक को इसकी इजाजत और पूर्ण स्वतंत्रता देते हैं।
अपने खिलाफ दर्ज कानूनी मामलों और मुकदमों पर बोलते हुए सांसद नदवी ने तंज कसा और शासन-प्रशासन की नीयत पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हम सच और न्याय की आवाज उठाने गए थे, लेकिन हमारे खिलाफ ही एफआईआर (FIR) दर्ज कर दी गई। आप ही बताइए, क्या हक और न्याय के लिए आवाज उठाना कोई अपराध है? क्या बच्चों के अधिकारों की बात करना, उन्हें पढ़ने के लिए प्रेरित करना और अपनी पुरानी शिक्षण संस्था जामिया में दाखिला लेने की सलाह देना अपराध है? क्या शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन का आह्वान करना अपराध माना जाएगा?
विपक्षी नेताओं पर दर्ज मुकदमों का हवाला देते हुए मोहिब्बुल्लाह नदवी ने कहा कि यह पूरी कार्रवाई राजनीतिक द्वेष से प्रेरित है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विरोधी आवाजों को दबाने के लिए 'पॉलिटिकल टाइप' मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। नदवी ने कहा कि कई अन्य नेताओं और नागरिकों को भी इसी तरह फर्जी मामलों में उलझाया जा रहा है। वहीं, अदालत में लंबित (Sub-Judice) मामलों पर टिप्पणी करने से इनकार करते हुए उन्होंने कहा कि न्यायालय के विचाराधीन विषयों पर बयानबाजी करना कानूनी मर्यादा के अनुकूल नहीं है, इसलिए वे न्यायपालिका पर पूरा भरोसा रखते हैं।