
जौहर ट्रस्ट से जुड़े मामले में ED की बड़ी कार्रवाई, आजम खान सहित पांच पर FIR
Azam Khan FIR: रामपुर में समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान और जौहर ट्रस्ट की मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की शिकायत पर अजीमनगर थाने में आजम खान, मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और तीन फर्मों समेत पांच के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोप है कि मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय परिसर में 85.81 करोड़ रुपये के काम सरकारी धन से कराए गए। ईडी ने विश्वविद्यालय की निर्माण लागत और ट्रस्ट के आयकर रिटर्न में दर्ज खर्च के बीच बड़े अंतर का भी जिक्र किया है। मामले में सरकारी धन के इस्तेमाल और पैसों के लेन-देन की जांच की जा रही है।
ईडी की शिकायत में विश्वविद्यालय परिसर में सरकारी धन से कराए गए कामों की तीन मदों का उल्लेख किया गया है। एजेंसी के मुताबिक, एक ठेकेदार ने बयान में बताया कि सरकारी ठेकों से जुड़ी 55.8 करोड़ रुपये की निर्माण सामग्री विश्वविद्यालय के काम में इस्तेमाल की गई। इसके अलावा, भव्य पंडाल, छात्रावास और अस्पताल के लिए 23.41 करोड़ रुपये की सरकारी मंजूरी का जिक्र है। विधायक और एमएलसी क्षेत्र विकास निधि से विश्वविद्यालय परिसर में 6.60 करोड़ रुपये के काम कराए जाने की बात भी कही गई है। इन तीनों मदों की कुल राशि 85.81 करोड़ रुपये बताई गई है।
ईडी ने जिला मूल्यांकन अधिकारी की रिपोर्ट के हवाले से विश्वविद्यालय के निर्माण की लागत 494.46 करोड़ रुपये बताई है। वहीं, जौहर ट्रस्ट के आयकर रिटर्न में वित्तीय वर्ष 2013-14 से 2024-25 के बीच 78.32 करोड़ रुपये का पूंजीगत खर्च दर्ज होने का उल्लेख है। एजेंसी के पत्र में दोनों आंकड़ों के बीच करीब 416.14 करोड़ रुपये का अंतर बताया गया है। ईडी का कहना है कि इस अंतर का संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिला है। जांच में विश्वविद्यालय के निर्माण पर खर्च हुई रकम और उसके स्रोत से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है।
ईडी ने जौहर ट्रस्ट को मिले कुछ दान पर भी सवाल उठाए हैं। शिकायत में एक कंपनी की ओर से 40 लाख रुपये और दो संस्थाओं से 6.235 करोड़ रुपये मिलने का उल्लेख है। एजेंसी का आरोप है कि सरकारी ठेकों से लाभ पाने वालों की रकम का हिस्सा ट्रस्ट को दान के रूप में दिया गया। इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
अपर पुलिस अधीक्षक अनुराग सिंह के मुताबिक, ईडी की शिकायत पर आजम खान, मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट, एसएस एंड एस इंटरप्राइजेज, एस एसोसिएट और अन्य के खिलाफ सरकारी धन के गबन और धोखाधड़ी से जुड़ी धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
ईडी के लखनऊ कार्यालय में तैनात डिप्टी डायरेक्टर पीयूष एस. थ्रोट की शिकायत के आधार पर यह कार्रवाई हुई है। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 61, 316(5) और 318(4) के साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7, 13(1) और 13(2) का भी उल्लेख है।
13 अक्टूबर को लखनऊ से आई ईडी की टीम ने रामपुर जेल में आजम खान से करीब आठ घंटे पूछताछ की थी। टीम रामपुर के एक होटल में ठहरी हुई है। आजम खान की ओर से इस एफआईआर पर फिलहाल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्राथमिकी में लगाए गए आरोप अभी साबित नहीं हुए हैं। मामले में आगे की स्थिति जांच के नतीजों पर निर्भर करेगी।
Updated on:
14 Oct 2026 11:18 am
Published on:
14 Oct 2026 10:47 am
बड़ी खबरें
View Allरामपुर
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
