रामपुर

आजम खान को बड़ी राहत, जौहर यूनिवर्सिटी पर नहीं चलेगा बुलडोजर, मुरादाबाद कमिश्नर कोर्ट ने लगाई रोक

Rampur News: मुरादाबाद डिविजनल कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह ने रामपुर के जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवन को ध्वस्तीकरण पर अग्रिम आदेश तक रोक लगा दी है। आजम खान के लिए बड़ी राहत की खबर है।
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Jul 27, 2026
Azam Khan
वरिष्ठ सपा नेता आजम खान (फाइल फोटो- पत्रिका)

Jauhar University: मुरादाबाद डिविजनल कमिश्नर की अदालत ने सोमवार को जौहर यूनिवर्सिटी को बड़ी राहत दी है। यूनिवर्सिटी कैंपस के 38 भवनों को तोड़ने की कार्रवाई को अंतिम फैसला आने तक रोक दिया गया है। डिविजनल कमिश्नर अंजनेय कुमार सिंह ने बताया कि यूनिवर्सिटी की तरफ से वकील ने अर्जी दी थी, जिसे स्वीकार कर लिया गया। अब किसी भी इमारत को तोड़ने का काम आगे के आदेश तक रोक दिया गया है। उन्होंने कहा कि मंगलवार को सुनवाई होनी थी, लेकिन मुरादाबाद में एक वकील के निधन पर श्रद्धांजलि सभा होने के कारण सुनवाई नहीं हो पाएगी।

मुरादाबाद कमिश्नर कोर्ट ने लगाई रोक

कमिश्नर सिंह ने साफ कहा कि सभी पक्षों को सुनने और कागजात देखने के बाद ही अंतिम फैसला लिया जाएगा। जौहर यूनिवर्सिटी के संस्थापक आजम खान की पत्नी ताहजीन फात्मा ने पहले ही उम्मीद जताई थी कि कोर्ट का फैसला उनके पक्ष में आएगा। इस राहत के फैसले के वक्त छात्रों का प्रदर्शन 12वें दिन चल रहा था। यूनिवर्सिटी के करीबी और आजम खान के सहयोगी आसिम राजा ने चेतावनी दी कि अगर भवनों को तोड़ने की कोशिश की गई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

आरडीए ने 20 दिन में ध्वस्त करने का दिया था निर्देश

आरडीए ने 15 जुलाई को विश्वविद्यालय के 40 भवनों में से 38 को बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्मित बताते हुए अवैध घोषित किया था। प्राधिकरण ने विश्वविद्यालय प्रबंधन को 20 दिन के भीतर इन भवनों को स्वयं ध्वस्त करने का निर्देश दिया था। आदेश का पालन न होने की स्थिति में प्राधिकरण की ओर से कार्रवाई किए जाने की बात कही गई थी।

विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों का धरना जारी

आरडीए के आदेश के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन, जौहर ट्रस्ट, छात्र और कर्मचारी विरोध जता रहे थे। विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों का धरना भी जारी है। जौहर ट्रस्ट का कहना है कि प्राधिकरण ने उपलब्ध अभिलेखों और दस्तावेजों पर समुचित विचार किए बिना ध्वस्तीकरण का आदेश पारित किया है।

विश्वविद्यालय प्रबंधन ने 20 जुलाई को मंडलायुक्त न्यायालय में अपील दायर करने के साथ ही इलाहाबाद हाईकोर्ट का भी रुख किया था। दोनों मामलों में 28 जुलाई को सुनवाई प्रस्तावित थी।

हालांकि, मुरादाबाद में वरिष्ठ अधिवक्ता आमोद अग्रवाल के निधन के कारण न्यायिक कार्य स्थगित होने की संभावना को देखते हुए विश्वविद्यालय की ओर से सोमवार को ही शीघ्र सुनवाई का अनुरोध किया गया।

Updated on:
28 Jul 2026 02:09 pm
Published on:
27 Jul 2026 09:27 pm