
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी। प्रतीकात्मक तस्वीर। सोर्स-Ai
Rampur Child Kidnapping: रामपुर के बिलासपुर में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। पत्नी के मायके जाने से नाराज एक व्यक्ति ने उसे वापस बुलाने के लिए अपने ही साढ़े 3 साल के बेटे के अपहरण की साजिश रच डाली। आरोपी ने अपने दोस्त के साथ मिलकर बच्चे को घर से उठवाकर उत्तराखंड के सितारगंज भेज दिया, जिससे घटना वास्तविक अपहरण जैसी लगे। पुलिस ने मामले की जांच करते हुए पूरे घटनाक्रम का खुलासा कर दिया। आरोपी पिता और उसके दोस्त को गिरफ्तार कर लिया गया है। साथ ही पुलिस ने बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिया।
बिलासपुर निवासी विकास कुमार ने 6 सितंबर को कोतवाली पहुंचकर पुलिस को तहरीर दी थी। उसने बताया था कि अज्ञात व्यक्ति उसके साढ़े 3 वर्षीय बेटे कार्तिक का अपहरण करके ले गया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर बच्चे की तलाश शुरू की। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आसपास के इलाकों में जांच और संदिग्ध गतिविधियों की पड़ताल शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस को विकास के पारिवारिक संबंधों के बारे में जानकारी मिली। सामने आया कि उसकी दो पत्नियां हैं और दोनों उसके साथ ही रहती थीं। पहली पत्नी से उसके दो बेटे हैं, जबकि दूसरी पत्नी विनीता उर्फ तरन्नुम से एक बेटा और दो बेटियां हैं।
पुलिस के मुताबिक, विकास की दूसरी पत्नी विनीता उर्फ तरन्नुम 19 अगस्त को बिना बताए घर से चली गई थी। इसके बाद विकास ने 21 अगस्त को उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। बाद में उसे जानकारी मिली कि विनीता अपने मायके चली गई है। पुलिस जांच में सामने आया कि विकास अपनी पत्नी को वापस घर लाना चाहता था और इसके लिए उसने एक साजिश तैयार की।
पुलिस के अनुसार, पत्नी को मायके से वापस बुलाने और उसके स्वजन को कथित तौर पर फंसाने के लिए विकास ने अपने दोस्त शम्भू के साथ मिलकर बेटे के अपहरण की योजना बनाई। शम्भू रामपुर के खजुरिया थाना क्षेत्र के गांव भकसौरा का रहने वाला बताया गया है। योजना के तहत बच्चे को उठाकर उत्तराखंड के सितारगंज ले जाया गया।
बच्चे के अपहरण की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने इलाके में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। इसके साथ ही सर्विलांस और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से जांच आगे बढ़ाई गई। जांच के दौरान पुलिस को विकास की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। इसके बाद पुलिस ने उससे पूछताछ की और मामले की कड़ियां धीरे-धीरे सामने आने लगीं।
पुलिस टीम ने गुरुवार को नवीन मंडी के जीरो प्वाइंट से विकास को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान पुलिस के अनुसार उसने बेटे के अपहरण की साजिश रचने की बात स्वीकार कर ली। इसके बाद पुलिस ने बच्चे को उत्तराखंड के सितारगंज में होने की जानकारी के आधार पर वहां दबिश दी।
पुलिस टीम ने सितारगंज में छापेमारी कर साढ़े तीन वर्षीय कार्तिक को सुरक्षित बरामद कर लिया। इसके साथ ही पुलिस ने मामले में शामिल विकास के दोस्त शम्भू को भी गिरफ्तार कर लिया। बच्चे के सुरक्षित मिलने के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली और अब आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई बिना नंबर की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल और हेलमेट भी बरामद किया है। पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच के अनुसार, बेटे के अपहरण की पूरी साजिश पत्नी को मायके से वापस बुलाने और उसके परिवार पर दबाव बनाने के उद्देश्य से रची गई थी।
Updated on:
10 Sept 2026 05:43 pm
Published on:
10 Sept 2026 05:43 pm
