पूजा सामग्री नहीं बिकने से कई परिवारों के सामने राेटी का संकट आर्थिक परेशानी के चलते 24 घंटे में एक बार खा रहा है परिवार
रामपुर ( rampur ) कोरोना वायरस (COVID-19 virus )के मद्देनजर किए गए लॉकडाउन ( Lock down ) से देश के मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारे और चर्च में ताले पड़ गए हैं। इसका सीधा असर अगरबत्ती और पूजा सामग्री बेचने वाले परिवारों पर पड़ रहा है। रामपुर में अगरबत्ती बेचकर अपना परिवार चलाने वाली राजस्थान की महिलाओं के सामने राेजी का संकट हैं और इनके परिवार में राेटी का संकट आ गया है। ये महिलाएं पूरे दिन सड़क पर बैठकर अगरबत्ती के पैकिंग तैयार करती हैं जबकि उनके पति अगरबत्ती बेचने गाँव व कस्बों में जाते हैं जहां पर उनका काम अच्छा नहीं चलने को लेकर एक ही वक्त का खाना खा रहे हैं।
राजस्थान जिले के दोसा के कुछ परिवार रामपुर में रहते हैं। इन परिवार की महिलाएं सड़क किनारे धूपबत्ती और अन्य पूजा सामग्री बेचकर अपना परिवार चलाती हैं। इनसे से एक ही परिवार की तीन महिलाएं रामपुर बस स्टेशन किनारे सड़क पर बैठकर अगरबत्ती पेकिंग करती हैं। इनके साथ इनकी बेटियां और बेटे भी हैं जो उनके काम में मदद करते हैं। बीना नाम की महिला ने बताया कि वह कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी और नेपाल बॉडर से लेकर भारत के कई राज्यों के सैकड़ों जिलों की सड़कों पर जाकर अगरबत्ती का पैकेट तैयार कर चुकी हैं। पहले पति कच्चा माल लाते हैं वह घर पर उसे तैयार करते हैं और फिर पति तैयार माल काे बाजार में बेचने जाते हैं। इस बार लॉक डाउन में धर्मिक स्थलों पर ताला लटका हुआ है ऐसे में उनका काम भी ठप हाे गया है।
24 घंटे में एक बार ही खाना खाता है परिवार
महिला ने बताया कि, आर्थिक स्थिति बेहद खराब है। पूरे परिवार के लिए दाे वक्त का खाना त जुटाना मुश्किल हाे गया है। इसलिए एक ही वक्त खाना खाते हैं।
लॉकडाउन में खाते में आए 500 रुपये
महिला ने बताया कि, लॉकडाउन में उनके खाते में राजस्थान सरकार की ओर से महज 500 रुपये आए हैं। ऐसे में इसी तरह वह दूसरे राज्यों और जिले में जाते हैं और धूप बत्ती व अगरबत्ती बेचकर अपना काम चलाते हैं।