Highlights: -आजम खान पर सख्त कार्रवाई करने वाले डीएम को सिपाही ने रोका -सिपाही ने लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर होने वाली कार्रवाई की जानकारी दी -जिलाधिकारी ने सिपाही को सम्मानित किया
रामपुर। कोरोना वायरस के मद्देनजर देशभर में लॉकडाउन घोषित है। जिसके चलते लोगों को घरों में ही रहने की हिदायत पुलिस प्रशासन द्वारा लगातार दी जा रही है। जो लोग बेवजह बाहर घूम रहे हैं उनके खिलाफ पुलिस द्वारा कार्रवाई भी की जा रही है। इस सबके बीच जब आजम खान पर सख्त कार्रवाई करने वाले जिलाधिकारी रात में बाइक पर घूमने निकले, जिन्हें सिपाही ने चेक पोस्ट पर पकड़ लिया। बस फिर क्या था, सिपाही ने उनकी जमकर क्लास लगा दी और लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर होने वाली कानूनी कार्रवाई के बारे में बता डाला।
दरअसल, रामपुर के जिलाधिकारी आंजनेय कुमर सिंह शुक्रवार की आधी रात जनपद में लॉकडाउन की स्थिति का जायजा लेने के लिए बिना किसी को सूचना दिए अपने एक कर्मचारी की मोटरसाइकिल पर सड़कों पर निकल लिए। जिलाधिकारी ने शहर के ज्वाला नगर, अजितपुर, कोसी नदी पुल, मिस्टन गंज, शाहबाद गेट आदि इलाके में करीब दो घंटे तक मोटरसाइकिल से निरिक्षण किया। इस दौरान उन्होंने किसी को भी अपनी पहचान नहीं बताई और जिन जगहों पर चेकिंग में लापरवाही बरती जा रही थी, वहां के नाम फीड कर लिए।
एक ही चेकिंग प्वाइंट पर रोके गए डीएम
जानकारी के अनुसार जनपद में सिर्फ एलआईसी चौराहे पर ही जिलाधिकारी को रोका गया। इस दौरान रोकने वाले सिपाही ने उन्हें जमकर हड़काया। सिपाही को जानकारी नहीं थी कि वह जनपद के जिलाधिकारी से बात कर रहा है। उसने लॉकडाउन की अहमियत समझाई और उल्लंघन करने पर होने वाली कानूनी कार्रवाई के बारे में भी जानकारी दी। सिपाही ने हिदायत देकर उन्हें जाने दिया।
वीक प्वाइंट्स को लेकर दी चेतावनी
आंजेनय कुमार ने मामले की जानकारी देते हुए कहा कि नाइट पेट्रोलिंग में वीक प्वाइंट्स मिले हैं, उन प्वाइंट्स पर मौजूद कर्मचारियों या सेक्टर मजिस्ट्रेट्स को मैंने उस समय जानबूझकर नहीं पकड़ा और न ही कुछ कहा। क्योंकि अगर मैं किसी को टोकता तो रात में मोटर साइकिल से शहर में घूमने का मकसद खत्म हो जाता। अगले दिन मैंने उन प्वांइट्स के स्टाफ को बुलाकर आगे से अलर्ट रहने की चेतावनी दी है।
सिपाही को किया सम्मानित
जिलाधिकारी ने बताया कि निरिक्षण के दौरान एलआईसी चौराहे पर चेकिंग के दौरान मुझे रोकने वाले सिपाही मोहित को मैंने शनिवार सुबह दफ्तर बुलाया और उसे शाबाशी दी। साथ ही उसे प्रमाण पत्र देकर सम्मानित भी किया गया। वह अपनी ड्यटी बाखूबी निभा रहा था और उसने मुझे बहुत अच्छे से लॉकडाउन के बारे में भी जानकारी दी थी। यही ड्यूटी करने का सही तरीका है।