यूनिवर्सिटी निर्माण में सेस की राशि नहीं जमा करने की शुरू हुई जांच 20 करोड़ की सेस को एक करोड़ 37 लाख कराने का है आरोप भाजपा नेता की शिकायत पर सीएम योगी ने दिए जांच के आदेश
रामपुर. समाजवादी पार्टी के सीनियर नेता और रामपुर के वर्तमान सांसद आजम खान को एक और बड़ा झटका लगा है। उन पर अब सेस जमा नहीं करने का आरोप लगा है। गौरतलब है कि रामपुर में आजम खान की अपनी निजी यूनिवर्सिटी है। उस यूनिवर्सिटी केम्पस में बनी इमारतों के सेस की रकम को लेकर अफसर जांच करके 7 दिन के भीतर रिपोर्ट सीएम को भेजेंगे। इस संबंध में सीएम योगी आदित्यनाथ ने जांच के आदेश दिये हैं। आजम खां पर आरोप है कि सरकार में कैबीनेट मंत्री रहते हुए आजम खान को कई अफसरों ने नियम कायदे को ताख पर रखकर 20 करोड़ की सेस की राशि को एक करोड़ 37 लाख कर दी थी। आरोप है कि हद तो तब हो गई, जब अफ़सरों ने उसे भी जमा नहीं कर वाया।
इस संबंध में भाजपा नेता आकाश हनी ने सुबे के सीएम से पत्र लिखकर मांग की थी कि सपा शासनकाल में सत्ता के रसूखदार नेता आजम को कई अफसरों ने बड़ी मदद करते हुए उनसे जो सेस वसूलना था, वह नहीं वसूला। पहले तो उस राशि को कम कर दिया गया था। इसी को लेकर अब सीएम योगी आदित्यनाथ ने जांच के आदेश दिए हैं। बताया जा रहा है कि सप्ताहभर में जांच करके अफसर ये रिपोर्ट सीएम को भेजेंगे।
आजम खान पर आरोप है कि उनके अपने निजी ट्रष्ट जोहर विश्व विधालय में जो बिल्डिंग्स साल 2015 में बनाई गई थी। उसका सेस तक़रीबन 20 करोड़ बनता था, लेकिन अफसरों ने यह राशि उनसे नहीं वसूली। पहले तो नियम कायदे ताख पर रखकर उसे घटा कर 1 करोड़ 37 लाख कर दिया गया। इसकी राशि भी आजम खान ने जमा नहीं की। उसी को लेकर एक शिकायत की गई अब उसी शिकायत पर योगी आदित्यनाथ ने सेस जमा करने और उन अफसरों की जांच कराने के आदेश दिये हैं, जिन्होंने तमाम नियम कायदे क़ानून ताक पर रखकर पहले तो इतनी रकम को कम किया और उसके बाद भी आजम खां से जमा नहीं करवाई।