रांची

झारखंड में हादसा: भगवान जगन्नाथ का रथ बिजली तार से टकराया, दो छात्रों की मौत

Jharkhand Rath Yatra Accident: झारखंड के खूंटी जिले के तोरपा में जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान रथ 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन से टकरा गया। हादसे में 12वीं के दो छात्रों की मौत हो गई, जबकि कई बच्चे गंभीर रूप से झुलस गए। घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
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Jul 20, 2026
Khunti Jagannath Rath Yatra Accident
खूंटी के तोरपा में रथ घुमाने के दौरान हाई वोल्टेज तार के संपर्क में आने पर 2 छात्रों की मौत। (Ai Generated Image)

Khunti Jagannath Rath Yatra Accident:झारखंड के खूंटी जिले में जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान खुशियों का माहौल कुछ ही पल में मातम में बदल गया। तोरपा प्रखंड में सोमवार को एक दर्दनाक हादसे में 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आने से रथ में करंट दौड़ गया। हादसे में 12वीं कक्षा के दो छात्रों की मौत हो गई, जबकि कई बच्चे गंभीर रूप से झुलस गए। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और गुस्से का माहौल है।

जानकारी के मुताबिक, तोरपा स्थित मौसीबाड़ी के पास भगवान जगन्नाथ के रथ को आगे बढ़ाया जा रहा था। रथ के आसपास बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और स्कूली बच्चे मौजूद थे। इसी दौरान रथ का ऊपरी हिस्सा ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन से छू गया। तार के संपर्क में आते ही पूरे रथ में तेज करंट फैल गया और रथ को धक्का दे रहे तथा उसके पास मौजूद बच्चे इसकी चपेट में आ गए।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

हादसे के तुरंत बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने बिना समय गंवाए बच्चों को रथ से दूर किया और सभी घायलों को तुरंत तोरपा रेफरल अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से झुलसे बच्चों को बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर किया गया।

डॉक्टरों ने अस्पताल पहुंचने पर 12वीं के छात्र चंदन कुमार और तिजेश्वर गोप को मृत घोषित कर दिया। दोनों की असमय मौत से उनके परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वहीं अन्य घायल बच्चों का इलाज जारी है, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।

धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा इंतजाम पर सवाल

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी गई है। हादसा कैसे हुआ और सुरक्षा व्यवस्था में कहीं कोई चूक हुई या नहीं, इसकी भी पड़ताल की जा रही है।

इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर धार्मिक आयोजनों के दौरान सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे आयोजनों से पहले बिजली लाइनों और अन्य संभावित खतरों की जांच सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि आस्था के उत्सव किसी परिवार के लिए जिंदगी भर का दर्द बनकर न रह जाए।

Updated on:
20 Jul 2026 04:21 pm
Published on:
20 Jul 2026 04:21 pm
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