बाबूलाल मरांडी और केंद्रीय महासचिव बंधु तिर्की शनिवार को संस्था में पहुंचे और सिस्टर्स से करीब एक घंटे तक इस मामले पर चर्चा की...
रवि सिन्हा की रिपोर्ट...
(रांची): झारखंड विकास मोर्चा के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने कहा है कि राज्य सरकार मिशनरीज ऑफ चैरिटी मामले में मीडिया ट्रायल करवा रही है। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि इसकी जाँच करवानी चाहिए और मिशनरीज ऑफ चैरिटी विगत कई सालों से निस्वार्थ अपनी सेवा दे रही है और इस तरह से बिना जाँच किए सब को परेशान किया जा रहा है।
सभी को नहीं मिल सकती दो लोगों की सजा
बाबूलाल मरांडी और केंद्रीय महासचिव बंधु तिर्की शनिवार को संस्था में पहुंचे और सिस्टर्स से करीब एक घंटे तक इस मामले पर चर्चा की। मरांडी ने मीडिया से कहा कि सरकार को इस मामले की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए। दोषी को सजा मिलनी चाहिए। लेकिन एक-दो व्यक्ति की गलती की सजा पूरी संस्था को नहीं दी जा सकती। उन्होंने मिशनरीज के कार्य की सराहना की। उन्होंने कहा कि वे क्या राज्य सरकार भी सेवा का ऐसा कार्य नहीं कर सकती।
आरएसएस पर साधा निशाना
उन्होंने कहा कि निर्मल ह्रदय के बारे में जो बातें मीडिया में आ रही है, वह आरएसएस आइडियोलॉजी से प्रभावित सरकार की एक चाल है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार एक खास कम्युनिटी को टारगेट कर रही है। पत्थलगढ़ी की तरह मिशनरीज ऑफ चैरिटी को भी टारगेट किया जा रहा है। वहीं, बंधु तिर्की ने कहा कि मिशनरीज ऑफ चैरिटी में सेवा भाव से काम होता है। अगर कहीं किसी से गडबडी हुई है तो उसकी जांच होनी चाहिए ना कि पूरे संस्था को कटघरे में खड़ा कर देना चाहिए।
गौरतलब है कि 5 जुलाई को मिशनरीज ऑफ चैरिटी ईस्ट जेल रोड रांची की सिस्टर कोनसिलिया बाखला को पुलिस ने बच्चा बेचने के आरोप में गिरफ़तार किया था। सिस्टर कोनसिलिया पर वहीं की एक कर्मचारी अनिमा इंदवार के साथ मिलकर चार बच्चों को बेचने का आरोप है। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है किदोनों ने मिलकर इसी वर्ष चार बच्चों को बेचा है। दोनों फिलहाल जेल में हैं। पूछताछ में सिस्टर कोनसिलिया ने स्वीकार किया था कि उसने दो बच्चों को 50-50 हजार में और एक को 1.20 लाख में बेचा। एक बच्चे को सिमडेगा के दंपती को बिना पैसे लिए दे दिया था।