
Yogendra Sav
हजारीबाग जिले के बड़कागांव थाना क्षेत्र में गुरुवार को जिला प्रशासन और एनटीपीसी प्रबंधन ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए कांग्रेस नेता एवं पूर्व मंत्री योगेंद्र साव के मकान को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। यह मकान जोरदाग झुमरी टांड़ में चट्टी बरियातू कोल माइंस के सामने स्थित था, जिसे खनन क्षेत्र के लिए अधिग्रहित भूमि पर अतिक्रमण मानकर गिराया गया।
भारी पुलिस बल और दंडाधिकारियों की मौजूदगी में की गई इस कार्रवाई को आधिकारिक सूत्रों ने पूरी तरह नियमसम्मत बताया। प्रशासन का दावा है कि संबंधित पक्ष को पहले कई नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन अतिक्रमण हटाने में अनुपालन नहीं हुआ। एनटीपीसी के खनन कार्य में कोई अवरोध न हो, इसलिए क्षेत्र को खाली कराना आवश्यक था।
कार्रवाई की खबर मिलते ही योगेंद्र साव की पुत्री एवं बड़कागांव की पूर्व कांग्रेस विधायक अंबा प्रसाद मौके पर पहुंचीं। उन्होंने प्रशासन और एनटीपीसी के खिलाफ तीखा विरोध जताया। अंबा प्रसाद ने आरोप लगाया कि उनके पिता के आवास को बिना उचित मुआवजा दिए ध्वस्त कर दिया गया। उनका कहना है कि मुआवजे से जुड़ा मामला वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है, फिर भी जल्दबाजी में कार्रवाई की गई।
उन्होंने बताया कि जब बुलडोजर चला, तब उनकी मां एवं पूर्व विधायक निर्मला देवी घर के अंदर मौजूद थीं, लेकिन अधिकारियों ने इसे नजरअंदाज किया। अंबा प्रसाद ने इस कार्रवाई को भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन अधिनियम, 2013 का उल्लंघन करार देते हुए कानूनी चुनौती देने की चेतावनी दी है।
यह घटना योगेंद्र साव और एनटीपीसी के बीच लंबे समय से चले आ रहे विवाद का नतीजा है। हाल ही में कंपनी के कर्मचारियों और वाहनों पर हमले की घटनाओं के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया था। पिछले कुछ दिनों में योगेंद्र साव ने NTPC के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी किए थे, जिसमें तीर-धनुष का इस्तेमाल करने का वीडियो वायरल हुआ था।
Updated on:
19 Mar 2026 07:25 pm
Published on:
19 Mar 2026 07:25 pm
