
(रांची): झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकारी अध्यक्ष और महागठबंधन के नेता हेमंत सोरेन ने मंगलवार रात राजभवन पहुंच कर राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश किया। राजभवन से बाहर आकर हेमंत सोरेन ने कहा कि महागठबंधन की ओर से औपचारिक रूप से सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि 50 विधायकों का समर्थन का पत्र राज्यपाल को सौंपते हुए गठबंधन को सरकार बनाने की अनुमति देने का अनुरोध किया गया है।
हेमंत सोरेन ने कहा कि शपथ ग्रहण की तिथि 29 दिसंबर तय की गई है। इस मौके पर कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी आरपीएन सिंह ने कहा कि शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस शासित कई राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल होंगे, जबकि हेमंत सोरेन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और वरिष्ठ नेता राहुल गांधी से मुलाकात कर उन्हें भी आमंत्रण देंगे। गठबंधन के नेताओं के साथ राजभवन पहुंचे राजद के वरिष्ठ नेता तेजस्वी यादव विजय का प्रतीक चिह्न दिखाते हुए बाहर निकले। इस मौके पर झामुमो, कांग्रेस और राजद के विधायकों के अलावा गठबंधन के तमाम नेता उपस्थित थे।
इससे पहले रांची में झामुमो के केंद्रीय अध्यक्ष शिबू सोरेन के निवास पर झामुमो के नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक हुई। इसमें हेमंत सोरेन को नेता चुना गया। कांग्रेस भवन में भी पार्टी विधायकों की बैठक हुई, जिसमें आलमगीर आलम को फिर से कांग्रेस विधायक दल का नेता चुन लिया गया। इसके बाद कांग्रेस, झामुमो और राजद एक संयुक्त बैठक हुई, जिसमें हेमंत सोरेन को गठबंधन का नेता चुन लिया गया। बाद में सभी नेताओं ने राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया।
गौरतलब है कि महागठबंधन ने चुनाव से पहले ही हेमंत सोरेन को मुख्यमंत्री उम्मीदवार घोषित कर दिया था। चर्चा है कि हेमंत 27-28 दिसंबर को मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। उधर विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद हेमंत सोरेन ने झाविमो प्रमुख बाबूलाल मरांडी से मुलाकात की। मरांडी ने बिना शर्त महागठबंधन को समर्थन देने का ऐलान किया है। झाविमो ने 3 सीटों पर जीत दर्ज की है। झारखंड की 81 विधानसभा सीटों में से महागठबंधन ने 47 सीटें जीती हैं जबकि भाजपा 25 सीटें ही जीत पाई है। अकेले झामुमो के खाते में 30 सीटें आई हैं। सहयोगियों में कांग्रेस को 16 और राजद को एक सीट पर जीत मिली।