Mohan Bhagwat: संघ प्रमुख (RSS Chief) ने कहा कि संघ के स्वयंसेवक सभी वर्गों में है, इनकी मदद से (Rashtriya Swayam Sangha) भारत को विश्वगुरु बनाना है...
(रांची): हिन्दू समाज को संगठित करने के अलावा संघ का कोई अन्य कार्य नहीं है। हिंदुत्व के भाव से राष्ट्रीय भावना को प्रबल करते हुए एक समतामूलक और शोषणरहित समाज की स्थापना ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का उद्देश्य है। संघ की नीतियां और कार्यपद्धति समाज के लिए अनुकरणीय है, लेकिन इसका ये अर्थ नही की संघ सभी मामलों में हस्तक्षेप करता है। यह सभी बात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कही। भागवत गुरुवार को रांची में आयोजित संघ समागम में बोल रहे थे।
मोहन भागवत पांच दिवसीय झारखंड दौरे पर है। समागम के दौरान उन्होंने स्वयंसेवको का आह्वान किया कि अपनी संस्कृति पर गर्व करते हुए देश को परम वैभव तक पहुंचाने के लिए कार्य करें, भारत को विश्व गुरु बनाने के लिए सब लोगों को साथ लेकर चलने का कार्य संघ करता है। स्वयंसेवक समाज में एक आदर्श रूप में प्रस्तुत हो, और ये आदर्श संघ की नित्य शाखा से ही संभव है।
देश को बनाना है विश्वगुरु...
उन्होंने कहा कि आज दुनिया को भारत की आवश्यकता है, कुछ मूलभूत समस्याओं के कारण दुनिया में अशांति है। भारतीय सभ्यता, संस्कृति और परंपरा के माध्यम से दुनिया की कमी को पूरा किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि हिन्दुओं को संगठित करना संघ का प्रमुख कार्य है और अपने देश को विश्व गुरु बनाना परम कर्त्तव्य है।
अपने लिए नहीं पूरे विश्व के कल्याण का काम करेगा भारत...
संघ प्रमुख ने कहा कि संघ के स्वयंसेवक सभी वर्गों में है, इनकी मदद से भारत को विश्वगुरु बनाना है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत सिर्फ अपने लिए महान नहीं बनेगा, दुनिया के कल्याण के लिए काम करेगा, जबकि आज की महाशक्ति पूरे विश्व के संसाधन अपने लिए इस्तेमाल करते हैं।
स्वयंसेवकों ने किया योग-व्यायाम...
सरसंघचालक के उद्बोद्धन के पूर्व स्वयंसेवकों ने योग व्यायाम, दण्ड प्रहार सूर्य नमस्कार आदि का प्रदर्शन किया। इस कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, रांची के सांसद संजय सेठ एवं भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं ने भी भाग लिया।