ज्ञातव्य हो कि नगर विकास मंत्री सीपी सिंह ने बुधवार को भी प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्त्ता स्वामी अग्निवेश को विदेशी एजेंट और फ्रॉड की संज्ञा दी थी
(पत्रिका ब्यूरो,रांची): झारखंड विधानसभा के मॉनसून सत्र के चौथे दिन गुरूवार को एक बार फिर नगर विकास मंत्री के कटाक्ष से सदन में जोरदार हंगामा हुआ। नगर विकास मंत्री सीपी सिंह ने गुरुवार को विभिन्न मुद्दों को लेकर विपक्षी सदस्यों द्वारा किये जा रहे हंगामे के बीच कुछ ऐसे शब्दों का प्रयोग किया, जिससे सभी लोग स्तब्ध रहे गए।
कांग्रेस को कहा देशद्रोही
नगर विकास मंत्री सीपी सिंह ने संपूर्ण विपक्ष को, सिर्फ कांग्रेस विधायक सुखदेव भगत को छोड़ कर देशद्रोही करार दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष के लोग अफजल गैंग के सदस्य है। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन से लेकर झाविमो विधायक दल के नेता प्रदीप यादव तक तक अफजल गैंग के सदस्य है। मंत्री सीपी सिंह यही नहीं रूके, उन्होंने रांची के हरमू स्थित सोहराई भवन तथा सीएमडी के भवन को खाली करने की भी मांग की।
गौरतलब है कि सोहराई भवन नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन का निजी संपत्ति है। विपक्षी सदस्य नगर विकास मंत्री सीपी सिंह के इस वक्तव्य पर अपना विरोध ठीक से दर्ज करा पाते, उससे पहले ही विधानसभा अध्यक्ष ने सदन में उत्पन्न व्यवधान को लेकर सभा की कार्यवाही स्थगित कर दी। ज्ञातव्य हो कि नगर विकास मंत्री सीपी सिंह ने बुधवार को भी प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्त्ता स्वामी अग्निवेश को विदेशी एजेंट और फ्रॉड की संज्ञा दी थी। सीपी सिंह ने कहा कि वे काफी पहले से स्वामी अग्निवेश को जानते है और किस तरह से विदेशी एजेंट के रूप में काम कर रहे है, इसकी जानकारी सभी को है।
इधर कार्यमंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा ने झारखंड विधानसभा में इस बात को स्वीकार कर लिया कि 18जुलाई को रांची के बिरसा चौक में प्रदर्शन कर रहे युवा कांग्रेस कार्यकर्त्ताओं पर पुलिस की ओर से हल्का बल प्रयोग किया गया। उन्होंने बताया कि पथराव और बैरिकेटिंग तोड़े जाने के बाद विधि व्यवस्था को बनाये रखने के लिए हल्का बल प्रयोग जरूरी था। बता दें कि युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता बुधवार को विधानसभा के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान प्रदर्शन उग्र होने पर हल्का बल प्रयोग किया गया था।