रमेश साहू खुद मेले में खिलौना बेचता था, इस वर्ष जैक द्वारा संचालिक इंटर कला संकाय परीक्षा में 377 अंक प्राप्त कर रमेश पूरे गुमला जिले में टॉपर बना...
(रांची): प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को सुबह अपने मन की बात में कार्यक्रम में झारखंड के गुमला जिले में रहने वाले मेधावी छात्र रमेश साहू की प्रशंसा करते हुए दूसरों के लिए मिसाल बताया और कहा कि देश के किसी कोने में ऐसे उदाहरणों से मुझे ऊर्जा मिलती है। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने शाम में पढ़ाई के लिए रमेश साहू को एक लाख रुपये देने की घोषणा कर दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखण्ड के गुमला जिले के रमेश साहू के पिता ईंट-भट्टे पर मजदूर हैं और वो भी खिलौने बेचकर अपनी पढ़ाई करते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ’मन की बात’ में रमेश की प्रेरणादायी कहानी सुनायी । विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अपनी मेहनत से रमेश ने जो किया वो दूसरों के लिए मिसाल है। झारखंड को रमेश पर गर्व है।
हर विषम परिस्थिति का बहादुरी से किया सामना
गौरतलब है कि झारखंड के घोर उग्रवाद प्रभावित घाघरा प्रखंड के नवनी गांव का रहने वाले रमेश साहू खुद मेला में खिलौना बेचता था, उसका सपना बीए के बाद यूपीएससी की परीक्षा पास करना है। रमेश इस वर्ष जैक द्वारा संचालिक इंटर कला संकाय परीक्षा में 377 अंक प्राप्त कर पूरे गुमला जिले में टॉपर बना। उसके पिता लक्ष्मण साहू मजदूर है और वे नवनी गांव से तीन किमी दूर एक ईट भट्ठा में मजदूरी करते है। वहीं खुद जिला टॉपर रमेश मेला में बैलून और अन्य खिलौना बेचता है। लेकिन इसके बावजूद समय निकाल कर उसने पढ़ाई में कड़ी मेहनत की और इस बार गुमला जिला में टॉपर बना।
रमेश की मां का निधन 2009 में ही हो गया, उसके बावजूद पिता ने उसे मां-बाप बनकर उसकी परवरिश की। रमेश का छोटा भाई विजय साहू सातवीं कक्षा में पढ़ता है,इसके अलावा उसकी दो बड़ी बहन है, जिसकी शादी हो गयी। रमेश ने कहा कि अब उसका सपना बीए पास करने के बाद यूपीएससी की परीक्षा पास कर आईएएस बनना है। रमेश की सफलता पर उसके पिता लक्ष्मण साहू भी काफी प्रसन्न है। उन्हें विश्वास नहीं हो रहा कि उनके बेटे ने कमाल कर दिखाया है। गुमला के लॉर्ड बुद्धा कॉलेज में रमेश को पढ़ाने वाले शिक्षक भी काफी खुश है और उनका कहना है कि रमेश में बहुत आगे बढ़ने की क्षमता है।