
(पत्रिका ब्यूरो,रांची): राष्ट्रीय जनता दल के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह ने कहा है कि देश में आज लोकतंत्र और संविधान खतरे में है। वे शुक्रवार को रांची स्थित प्रदेश राजद कार्यालय में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक को संबोधित कर रहे थे। इस बैठक की अध्यक्षता राजद की प्रदेश अध्यक्ष अन्नपूर्णा देवी ने की। बैठक को रघुवंश प्रसाद ने मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए कहा कि लोकतंत्र, भारत का संविधान, देश तथा ईमान खतरे में है। जब तक देश में भाजपा की सरकार रहेगी देश में अमन-चैन नही रहेगा।
मोदी के रहते,लालू का छूटना मुश्किल— सिंह
उन्होंने कहा कि जब तक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हैं, लालू प्रसाद नहीं छूटेंगे, इसलिए पार्टी नरेंद्र मोदी को हटाने की तैयारी में है। चाहे देश मे हुए रफाल घोटाले का मामला हो, नोटबन्दी का मामला हो, जीएसटी हो, इन सभी मामलों से देश की जनता त्रस्त है। किसान, मजदूर, नौजवान, किसान सभी इस सरकार में बदहाल हैं। इसलिए सभी लोगों को इस सरकार से सावधान होने की आवश्यकता है इस सरकार के जनविरोधी सरकार के खिलाफ आंदोलन रत होने की आवश्यकता है। संगठन मजबूत करना है व संघर्ष करते रहना है।
इन मुद्यों पर घेरने को देंगे धरना
बैठक की अध्यक्षता करते हुए अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि कहा कि इस जनविरोधी सरकार के लाठी, गोली के खिलाफ 29 नवंबर को राजभवन के समक्ष राज्य स्तरीय धरना दिया जाएगा। पारा शिक्षकों, पत्रकारों पर लाठीचार्ज के खिलाफ तथा बर्खास्त पारा शिक्षकों को बर्खास्तगी के खिलाफ धरना का आयोजन किया गया है। बैठक का संचालन महासचिव आबिद अली ने किया।
यह लोग रहे बैठक में मौजूद
इस बैठक में रांची जिला के सह प्रभारी बलवंत कुमार ,युवा अध्यक्ष अभय सिंह,प्रदेश प्रवक्ता डॉ मनोज कुमार,उपाध्यक्ष बिजय यादव, गिरधारी गोप,मनोज पांडेय, हरदेव साहू,बिजय राम,अर्जुन यादव, चंद्र शेखर भगत, मो फिरोज,पूणेंदु यादव, सतरूपा पांडेय,आसुतोष यादव, शैलेन्द्र शर्मा , इम्तियाज वर्षी,गफार अंसारी,कमलेश यादव,राजकिशोर यादव,साहिल सहिंन ,किसुन यादव सुनील यादव, संतोष प्रसाद,अरुण कुमार,कृष्ण कुमार,शिवम कुमार सहित दर्जनों लोग उपस्थित थे।
लालू से मुलाकात करने वाले है सिंह
इधर, रघुवंश प्रसाद सिंह शनिवार को रांची में राजद प्रमुख लालू प्रसाद से मुलाकात करेंगे। प्रत्येक शनिवार को जेल मैनुअल के अनुसार रिम्स के पेइंग वार्ड में भर्ती लालू प्रसाद से तीन लोगों को मिलने की अनुमति दी जाती है।