रतलाम

बुराड़ी में 1 घर में 11 मौतें, परिवार का एक सच आया सामने, रिश्तेदार ने किए बडे़ खुलासे

बुराड़ी में 1 घर में 11 मौतें, परिवार का एक सच आया सामने, रिश्तेदार ने किए बडे़ खुलासे
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Jul 05, 2018
11 deaths in 1 house in Buradi latest hindi news
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रतलाम। नई दिल्ली के बुराड़ी में एक ही घर में 11 मौत के मामले में रोज नए चौकाने वाले खुलासे हो रहे है। इस मामले में एक नया सच सामने आया है। रतलाम संसदीय क्षेत्र व धार में रहने वाले एक करीबी रिश्तेदार के अनुसार बेहद चौकाने वाले खुलासे किए है। करीबी रिश्तेदार ने एेसी बात बताई है जो शयद ही अब तक लोग जानते हो।

रिश्तेदार के अनुसार एक दिन पूर्व ही उनके बेटे की परिवार से मोबाइल पर बात हुई थी। तब बिल्कुल किसी ने एेसा कुछ अंदेशा तक न होने दिया था। इतना ही न अक्सर होने वाली बात में इस बात का उल्लेख भी हुआ था कि हरियाणा के फतेहाबाद के टोहाना में परिवार अपने निवास के लिए सीढि़यों का डिजाइन तक देखने गया था। परिवार के करीबी सदस्य के अनुसार पूजा करना व तंत्र करना दो अलग बात है। मृतक परिवार तंत्र व मंत्र से जुडे़ मामलों पर भरोसा ही न करता था। बता दे की झाबुआ के भूपेंद्रसिंह मृतक परिवार के करीबी रिश्तेदार है। गोापालदास के परिवार के मध्यप्रदेश के धार में भी रिश्तेदारी थी।

भक्त था परिवार, अंधविश्वासी न

रिश्तेदारों के अनुसार परिवार भगवान का भक्त था, लेकिन अंधविश्वासी न था। परिवार धार्मिक कार्यो में विशेषकर निरंकारी भवन के संत के करीब रहता था। वे सुबह व शाम को साथ में बैठकर हनुमान चालिसा का पाठ करते थे। भाटिया नगर में परिवार ने 33 वर्ष पूर्व आवास खरीदा था। परिवार ने एक समय शक्करपुरा में खेत में पार्टनरशीप में कार्य भी किया था। यहां तक की भैंस पालकर दूध निकालने का कार्य भी किया था। मृतक गोपालदास का बेटा भुनेश विदेश में कार्य करता था, लेकिन 8 वर्षो से वो भी आर्थिक रुप से मजबूत होकर भारत परिवार के साथ रहने आ गया था।

दोनों बेटे करने लगे थे नौैकरी

परिवार के करीबी रिश्तेदारों के अनुसार गोपालदास के बेटे ललित सहित दूसरे बेटे ने दूकान में नौकरी शुरू कर दी थी। जब पांच वर्ष गोपालदास की मौत हुई परिवार सदमे में आया था। इसी बीच ललित की आवाज एक हादसे में चली गई थी। पिता की मौत के कुछ दिन बाद ही ललित की आवाज आ गई थी। यहां तक की वो अपने पिता की तरह आवाज में बात करता था।

परिवार में अब भी सन्नाटा

करीबी रिश्तेदारों के अनुसार मोहल्ले से लेकर रिश्तेदार के घरों में सन्नाटा है। परिवार अब सिर्फ दिल्ली पुलिस की जांच पर भरोसा करके इंतजार कर रहा है। परिवार जब अंतिम संस्कार के लिए एक हुए तो आपसी बात में कोई ये मानने को तैयार न हुआ कि ये आत्महत्या है। लेकिन साथ ही ये भी कहते है कि अब पुलिस की रिपोर्ट ही तय करेगी क्या हुआ था।

Updated on:
04 Jul 2018 08:11 pm
Published on:
05 Jul 2018 07:07 am