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इलाज बना मौत की वजह ! पीजी का स्टूडेंट कर रहा था डेढ़ साल की बच्ची का इलाज

MP News: 27 अप्रेल से बच्ची आईसीयू में भर्ती थी और उपचार चल रहा था। 29 अप्रैल की सुबह बच्ची की हालत में सुधार हो गया था, बाद में फिर तबीयत बिगड़ने लगी....

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Death of Innocent Child

Death of Innocent Child प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source- freepik)

MP News: मेडिकल कॉलेज में आलोट की एक मासूम बच्ची के इलाज में डॉक्टर की गंभीर लापरवाही सामने आई है। परिजनों ने डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही बरतने और इससे उसकी मौत को लेकर कॉलेज प्रबंधन से लेकर पुलिस तक शिकायत दर्ज कराई है। हालांकि अभी कॉलेज प्रबंधन की तरफ से इस पर किसी तरह का एक्शन नहीं लिया गया है। आलोट निवासी आनंद परमार ने थाना औद्योगिक क्षेत्र रतलाम में आवेदन देकर बताया कि उनकी करीब डेढ़ साल की पुत्री लहर की तबीयत खराब होने पर उसे मेडिकल कॉलेज रतलाम में भर्ती कराया गया था।

27 अप्रेल से बच्ची आईसीयू में भर्ती थी और उपचार चल रहा था। 29 अप्रैल की सुबह बच्ची की हालत में सुधार हो गया था और वह सामान्य रूप से खाना-पीना व खेलना शुरू कर चुकी थी। इसी दौरान पिता ने वहां के ड्यूटी डॉक्टर राहुल से डिस्चार्ज की बात कही, लेकिन डॉक्टर ने मना कर दिया।

रात में चढ़ाया ब्लड और तबीयत बिगड़ी

पिता ने आरोप लगाया कि उसी रात बिना अनुमति के जबरन फिर से भर्ती रखते हुए बच्ची को पैर में गलत तरीके से ब्लड चढ़ाया गया। परिजनों ने विरोध किया तो उनके साथ अभद्रता करते हुए उन्हें गार्ड के माध्यम से डॉक्टर ने कमरे से बाहर निकाल दिया। शिकायत में यह भी बताया गया कि गलत इलाज के कारण बच्ची की हालत अचानक बिगड़ गई और वह कोमा में चली गई। इसके बाद उसे वेंटिलेटर पर रखा गया, लेकिन 1 मई की रात उसकी मौत हो गई।

पुलिस ने किया आवेदन लेने से इंकार

परिजनों का कहना है कि उन्होंने इस मामले की शिकायत जिला चिकित्सा अधिकारी और थाना औद्योगिक क्षेत्र में की, लेकिन शुरुआत में पुलिस ने यह कहकर आवेदन लेने से इनकार कर दिया कि बच्ची का इलाज चल रहा है। आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि डॉक्टर द्वारा बिना जांच के गलत ब्लड चढ़ाया गया, जिससे बच्ची की हालत गंभीर हो गई और उसकी जान चली गई।

पीजी का स्टूडेंट है इलाज करने वाला

मेडिकल कॉलेज से मिली जानकारी के अनुसार जिस डॉक्टर राहुल के इलाज से बच्ची की मौत हुई है वह पीजी का स्टूडेंट है और यहां रहकर पढ़ाई कर रहा है।

समिति से जांच करवाई जाएगी

बच्ची के पिता की शिकायत मिली है। इस मामले में डीन से चर्चा हुई है। उनका कहना है कि समिति बनाकर जांच की जाए और यदि डॉक्टर दोषी पाए जाते है तो निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी।- डॉ. एमएल बर्मन, एचओडी पीडियाट्रिक डिपार्टमेंट मेडिकल कॉलेज