
रतलाम। रेल मंडल मुख्यालय में रनिंग विभाग के कर्मचारियों के लिए लगाई गई ब्रीथ एनॉलाइजर मशीन के मामले में कर्मचारियों का गुस्सा गुरुवार को फिर उमड़ पड़ा। वेस्टर्न रेलवे मजदूर संघ के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने मंडल के वरिष्ठ टीआरओ प्रदीप मीणा का घेराव कर दिया। नाराज कर्मचारियों ने तो यहां तक कह दिया की अगर इस व्यवस्थ को सुधारा नहीं गया तो वे मशीन का ही बहिष्कार कर देंगे। बाद में एडीआरएम के आश्वासन पर कर्मचारी माने व काम पर लौटे।
कक्ष में जाकर घेर लिया
मजदूर संघ के मंडल मंत्री बीके गर्ग सहित प्रवक्ता दीपक भारद्वाज, युवा समिति अध्यक्ष गौरव दुबे, उपाध्यक्ष रफीक मंसूरी सहित बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने गुरुवार को वरिष्ठ टीआरओ मीणा को उनके कक्ष में जाकर घेर लिया। इन सभी नेताओं का कहना था की मशीन की आड़ में कब तक कर्मचारियों को प्रताडि़त किया जाएगा। नेताओं ने मीणा को कहा की इस मामले में बोर्ड के नियम को पालन करने को कहा, लेकिन मीणा जब सुनने को तैयार नहीं हुए तो सभी कर्मचरी अतिरिक्त मंडल प्रबंधक आरके गुप्ता के पास चले गए। यहां पर गुप्ता ने कर्मचारियों को भरोसा दिलाया की इस मामले में वे नियम अनुसार कार्रवाई करेंगे।
से हुआ है तीन दिन में
असल में तीन दिन में इमरान खान, अजय वर्मा, बलराम शर्मा नाम के चालक व सहायक चालक को मशीन ने शराब के नशे में बताया। इसके बाद इनको ड्यूटी पर जाने से रोककर रक्त की जांच के लिए भेजा गया। जबकि इन कर्मचारियों का दावा है कि उन्होंने कभी शराब को हाथ तक नहीं लगाया है। मशीन गलत रिपोर्ट दे रही है। ये पहली बार नहीं हुआ है जब मशीन ने गलत रिपोर्ट दी हो, क्योकि जब मशीन की जांच के आधार पर कर्मचारी को रक्त की जांच के लिए रेलवे अस्पताल भेजा जाता है तो वो रिपोर्ट सामान्य ही आ रही है।
अब अंादोलन किया जाएगा
मंडल में कुछ अधिकारियों की हठधर्मिता की वजह से समस्या आ रही है, जबकि बोर्ड के नियम तो साफ है। इस मामले में एक सप्ताह में सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो कठोर आंदोलन किया जाएगा।
- बीके गर्ग, मंडल मंत्री, वेस्टर्न रेलवे मजदूर संघ