
रतलाम. कम्प्यूटर सहित इंटरनेट पर कार्य करने वालों को अब और सावधान रहने की जरूरत है। सायबर क्राइम पर भोपाल की एक कार्यशाला में विशेषज्ञों ने कई सावधानी बरतने की सलाह प्रदेशभर के इंटरनेट यूजर्स के लिए जारी की है। आप भी इनसे अनजान नहीं बने, बल्कि इसे अपनाकर एक सजग नागरिक बनें, क्योंकि सायबर क्राइम में पासवर्ड चुराने से लेकर डेटा नष्ट करने और फेक आइडी बनाने तक सजा का प्रावधान किया है।
सायबर सेल कर रही आपको अलर्ट
राजस्व, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने सायर सुरक्षा पर कार्यशाला में कहा कि नवीन तकनीकों से जितनी सुविधाएं बढ़ी हैं, उतने खतरे भी बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि इंटरनेट का उपयोग करते समय सावधानी बरतें। गुप्ता ने कहा कि नेट के उपयोग के समय ली जाने वाली सावधानियों के ब्रोशर स्कूल और कॉलेज में बंटवायें। एसपी सायबर सेल सुदीप गोयनका ने बताया कि किसी भी व्यक्ति का आइडी पासवर्ड चुराने पर तीन साल की सजा हो सकती है। इसी तरह आपकी पेनड्राइव से किसी के कम्प्यूटर का डेटा नष्ट हुआ तो 5 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लग सकता है।
निजी जानकारी का पासवर्ड नहीं बनाए
एसपी गोयनका ने कहा कि जन्म-तिथि आदि निजी जानकारी को पासवर्ड में उपयोग नहीं करें। पासवर्ड बड़ा बनाए। सेक्यूरिटी प्रश्न का उत्तर गलत लिखें। सभी खातों का पासवर्ड अलग रखें। उन्होंने कहा कि फ्री गाने और फिल्में डाउनलोड करने से बचें। इससे वायरस आ सकते हैं। काम करने के बाद कम्प्यूटर लॉग आउट जरूर करें। सोशल साइट में अश्लील सामग्री भेजना, फॉरवर्ड करना, धार्मिक भावनाओं को भड़काने वाले संदेश भेजना और किसी की फेक प्रोफाइल बनाना अपराध है।
अनजाने व्यक्ति की फ्रेंड रिकवेस्ट स्वीकार नहीं करें
एसपी सायबर सेल ने कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार नहीं करें। जो काम रियल लाइफ में नहीं करते वह काम वर्चुअल लाइफ में कदापि नहीं करें। पर्सनल फोटो फेसबुक और वाटसएप जैसी सोशल साइट में नहीं डालें। किसी का ऑनलाइन पीछा करना भी सायबर क्राइम है। फेसबुक प्रोफाइल में मोबाइल नम्बर और घर का पता नहीं डालें।