रतलाम

रतलाम को उमंग स्कूल हेल्थ एंड वेलनेस में अवार्ड ऑफ एक्सीलेंस

गत दिनों भोपाल में हुए राज्य स्तरीय उमंग समीक्षा एवं वर्कशॉप में लोक शिक्षण संचालनालय ने यह पुरस्कार दिया। समीक्षा बैठक में रतलाम जिले ने 100 प्रतिशत क्रियान्वयन के साथ पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया। यह पुरस्कार अपर परियोजना संचालक नंदा भलावेकुशरे और उपसंचालक महेश जैन ने डीईओ सिमरन सूर्यवंशी और रमसा के एडीपीसी अशोक लोढ़ा को दिया गया।
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Aug 21, 2026
ratlam news
अवार्ड प्राप्त करते हुए डीईओ

रतलाम. आयुष्मान भारत के अंतर्गत उमंग स्कूल हेल्थ एंड वेलनेस कार्यक्रम के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिए रतलाम जिले को राज्य स्तरीय अवार्ड ऑफ एक्सीलेंस से सम्मानित किया गया है।

गत दिनों भोपाल में हुए राज्य स्तरीय उमंग समीक्षा एवं वर्कशॉप में लोक शिक्षण संचालनालय ने यह पुरस्कार दिया। समीक्षा बैठक में रतलाम जिले ने 100 प्रतिशत क्रियान्वयन के साथ पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया। यह पुरस्कार अपर परियोजना संचालक नंदा भलावेकुशरे और उपसंचालक महेश जैन ने डीईओ सिमरन सूर्यवंशी और रमसा के एडीपीसी अशोक लोढ़ा को दिया गया।

इसलिए मिला सम्मान

उमंग कार्यक्रम हाईस्कूल और हायर सेकंडरी की नौवीं से 12वीं तक की कक्षा में संचालित किया जाता है। इसके तहत स्वजागरूकता, तनाव प्रबंधन, संवाद कौशल, सृजनात्मक चिंतन जैसे 10 जीवन कौशल खेल, कहानी, नाटक के माध्यम से सिखाए जाते हैं। कक्षावार सभी सेक्शनों की हर मंगलवार को रिपोॄटग की जाती है। रिपोॢटंग की समीक्षा बैठक में रतलाम जिले ने 100 फीसदी क्रियान्वयन कर यह स्थान प्राप्त किया।

रतलाम के लिए बड़ी बात

राज्यस्तर पर श्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर मिला यह अवार्ड जिले के लिए गौरव की बात है। प्रदेश के सभी जिलों की प्रतियोगिता में रतलाम ने सबको पीछे छोड़ते हुए यह मुकाम हासिल किया है। इससे यह तय हो गया कि रतलाम जिले में जीवन कौशल से जुड़े उमंग कार्यक्रम में अच्छा काम हो रहा है।

इन्होंने किया आयोजन

भोपाल में आयुष्मान भारत कार्यक्रम के अंतर्गत यह आयोजन स्कूल शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, यूनाइटेड नेशन्स फंड फॉर पापुलेशन एक्टिविटिज की तरफ से संयुक्त रूप से आयोजित किया गया था। इसमें प्रदेश के सभी जिलों ने हिस्सेदारी की और अपना-अपना प्रजेंटेशन दिया। जिलों में किए गए कार्यों और संचालित जीवन कौशल का आंकलन टीम ने किया और इसी आधार पर यह अवार्ड दिया गया।

100 से ज्यादा स्कूलों में चल रहा कार्यक्रम

जिले के 180 से ज्यादा हाईस्कूल और हायर सेकंडरी संचालित हैं। इनमें से 100 से ज्यादा स्कूलों में यह कोर्स संचालित किया जा रहा है। इनमें छात्र और छात्राएं दोनों हैं। हर स्कूल में जीवन कौशल का प्रशिक्षण प्राप्त एक-एक टीचर है जो लगातार इनकी पढ़ाई करवाने के साथ ही गतिविधियां करवाता है।

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कक्षावार सभी सेक्शनों की रिपोर्टिंग

उमंग कार्यक्रम जिले के सभी हाईस्कूल और हायर सेंकंडरी स्कूलों की नौवीं से 12वीं तक की कक्षाओं में संचालित किया जा रहा है। कक्षावार सभी सेक्शनों की रिपोर्टिंग होती है। इसी के तहत रतलाम के बेहतर कार्य और 100 फीसदी क्रियान्वयन से हमारे जिले को यह अवार्ड मिला है। प्रदेश के सभी स्कूलों में रतलाम को पहला स्थान मिलना हमारे लिए गौरव की बात है।

सिमरन सूर्यवंशी, डीईओ, रतलाम

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अच्छा सुधार देखने को मिला

उमंग जीवन कौशल शिक्षा से विद्यार्थी नि:संकोच और निर्भीक होकर शिक्षकों से अपनी व्यक्तिगत समस्याओं के संबंध में खुलकर बात करने लगे हैं। परीक्षा के प्रति तनाव कम होने से अकादमिक में अच्छा सुधार देखने को मिला है।

अशोक लोढ़ा, एडीपीसी रमसा

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बच्चों में आत्मविश्वास आ रहा

उमंग हेल्थ एवं वैलनेस अंतर्गत किशोरावस्था की उम्र 10 से 19 वर्ष के विद्यार्थियों को स्वजागरुकता, समानुभूति, अंर्तवैयक्तिक, संबंध, संवाद, कौशल, सृजनात्मक और समालोचनात्मक चिंतन, भावनाओं का प्रबंधन और तनाव प्रबंधन के दस सूत्र की स्टडी स्कूलों में कराई जा रही है। इससे बच्चों में आत्मविश्वास आ रहा है।

योगेश पाल, राज्यस्तरीय मास्टर ट्रेनर

Updated on:
21 Aug 2026 09:06 pm
Published on:
21 Aug 2026 08:59 pm