
डेंगू मच्छर का प्रतिकात्मक फोटो
रतलाम. इस बार बारिश के सीजन में अब तक पिछले साल के मुकाबले कम बारिश हुई है। बीच-बीच में मौसम खुला रहने से पानी का जमाव नहीं हो पाया। इसका असर भी दिखाई दे रहा है। जिले में अब तक डेंगू के 19 केस सामने आ चुके हैं। इनमें से 14 रतलाम जिले के हैं जबकि छह दूसरे जिलों के मरीजों के हैं जो यहां डिटेक्ट हुए हैं। 14 में से आधे यानी सात केस रतलाम शहर में सामने आ चुके हैं।
मलेरिया के 28 केस
पिछले कुछ सालों में मलेरिया के केसों में भारी कमी आई है। कभी इक्का-दुक्का केस सामने आते रहे हैं किंतु इस बार 28 केस पाजीटिव मिल चुके हैं। इनमें 19 केस रतलाम जिले के और 9 केस दूसरे जिलों उज्जैन, झाबुआ, मंदसौर और धार जिले के पाए गए हैं। ये इसलिए जिले में मिले क्योंकि ये लोग इलाज करवाने के लिए जिला अस्पताल या मेडिकल कॉलेज पहुंचे थे।
विभाग ने जारी की एडवाइजरी
वर्षा ऋतु के मौसम के पश्चात मच्छरों की अधिकता को देखते हुए मलेरिया विभाग ने मलेरिया और डेंगू से बचने की एडवाइजरी जारी की है। बुखार आने पर मरीज अस्पताल जाएं और रक्त पट्टी बनवाकर जांच करवाएं। मलेरिया पाये जाने दवाइयों का सेवन करें। यदि डेंगू एवं चिकुनगुनिया में तेज बुखार, सिरदर्द, त्वचा पर चेचक जैसे लाल चकत्ते तथा मांसपेशियों और जोडों का दर्द जैसे लक्षण सामने आने पर तत्काल डॉक्टर से परामर्श लें।
ये करें उपाय
मच्छरों से बचने के लिए अपने घरों के आस-पास नालियों एवं गड्ढों में पानी एकत्रित न होने दें। रूके हुए पानी में सप्ताह में एक बार मिट्टी का तैल अथवा अपने दुपहिया वाहनों का जला हुआ तेल अवश्य डालें। पानी की टंकी, नांद, कुलर, ड्रम का पानी व अन्य एकत्रित पानी सप्ताह में एक बार अवश्य खाली करें एवं पानी ढंक कर रखें। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. देवेंद्र मौर्य ने नागरिकों से अपील कि हैं कि उपरोक्त उपायों को अपनाएं जिससे बीमारियों से छुटकारा पाया जा सके।
खुला नहीं रखे सैप्टिक टैंग
घर का सैप्टिक टैंक खुला नही रखें एवं टैंक के गैस पाईप के उपरमच्छरजाली लगाएं। शाम को घरों में नीम की पत्तियों का धुंआ करें। रात में सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें क्योकि मलेरिया फैलाने वाले मच्छर रात में ही काटते हैं। पुरी बांह के कपडें पहनें, नारियल एवं सरसों के तैल में नीम का तैल मिलाकर शरीर के खुले हिस्से पर लेप करें।
स्वास्थ्य जांच कराएं
बुखार आने पर तुरन्त नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र पर खुन की जांच कराकर उपचार लें। खुन की जांच करने की सुविधा समस्त शासकीय चिकित्सालयो, डिस्पेंसरी, आयुर्वेद औषधालय एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के पास उपलब्ध हैं।
सावधानी बरतें
जिला मलेरिया अधिकारी ने समस्त नागरिकों से अपील कि हैं कि उपरोक्त उपायों को अपनाकर आप स्वतः ही मलेरिया डेंगु एवं चिकुनगुनियाबिमारी से छुटकारा पा सकते हैं।
Updated on:
22 Aug 2026 06:24 pm
Published on:
22 Aug 2026 06:24 pm
