22 अगस्त 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Ratlam News मेडिकल कॉलेज में मदर मिल्क बैंक अगले माह शुरू होगा

नवजात शिशुओं को जन्म से ही होने वाली बीमारियों से बचाने के लिए नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई (एसएनसीयू) और पीआईसीयू के पास ही मदर मिल्क बैंक भी लगभग तैयार हो चुका है।
2 min read
Google source verification
ratlam medical college news

रतलाम मेडिकल कॉलेज


रतलाम. नवजात शिशुओं को जन्म से ही होने वाली बीमारियों से बचाने के लिए नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई (एसएनसीयू) और पीआईसीयू के पास ही मदर मिल्क बैंक भी लगभग तैयार हो चुका है। जुलाई में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) की टीम यहां दौरा करके इसका जायजा ले चुकी है। टीम ने इसमें कुछ संशोधन करने और मापदंडों के हिसाब से बदलाव करने के निर्देश दिए थे। इन निर्देशों के अनुसार मिल्क बैंक में काम शुरू हो चुका है और अगले माह तक यह पूरा हो जाएगा। इसके लिए जरुरी मशीनों और मानव संसाधनों की पूर्ति भी जल्द होने वाली है। मेडिकल कॉलेज के प्रशासनिक अ​धिकारियों के अनुसार एनएचएम के बजट से तैयार हुई इस यूनिट का इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार है।

ब्लक बैंक जैसी जांच यूनिट भी होगी

मेडिकल कॉलेज में तैयार हो रही मिल्क बैंक केवल उन बच्चों को दूध देने के लिए ही नहीं है जिनकी माताओं को उनके जन्म के बाद दूध नहीं आ रहा है। वरन यह बहुत संवेदनशील मामला होने से जिन माताओं का दूध यहां रखा जाएगा उसकी जांच ब्लड बैंक में होने वाले ब्लड की तरह करने के बाद ही किसी को दिया जा सकेगा। इसमें एचआइवी सहित अन्य तरह की बीमारियों जांचें की के बाद ही उसका उपयोग हो सकेगा। इसकी वजह है कि कोई महिला एचआइवी या किसी दूसरी गंभीर बीमारी से पीडि़त है तो उसका दूध किसी दूसरे बच्चे को देना खतरनाक साबित हो सकता है।

ये मशीनें लगेगी इसमें

मिल्क बैंक में पाश्चुराइजेशन, माइक्रो स्कोप, बे्रस्टे पंप, फ्रीजर, डीप फ्रीजर, इचआइवी, इंफेक्शन जांच की मशीनें लगाई जाएगी। इस काम के लिए टेक्नीशियन भी लगेंगे जो जांच करेंगे।

यह है इसका फायदा

मदर मिल्क बैंक की शुरुआत मेडिकल कॉलेज में होती है तो उन बच्चों और अभिभावकों के लिए यह एक सौगात होगी जिन माताओं को डिलीवरी के बाद दूध नहीं उतरता है।

स्वैच्छिक डोनेशन

मिल्क बैंक में हर किसी के महिला के लिए अनिवार्य नहीं होगा। स्वैच्छिक रूप से महिला यहां आकर अपना दूध डोनेट कर सकेगी। यह दूध उन्हें देंगे जिन्हें इसकी जरुरत है।

संशोधन करवा रहे

एनएचएम की टीम ने निरीक्षण के दौरान कुछ संशोधन सुझाए थे। उनके अनुसार मिल्क बैंक में काम करवाया जा रहा है। मशीनों के लिए आर्डर दिए जा चुके हैं। हमारा प्रयास होगा कि इसे जल्द शुरू कर दें जिससे बच्चों को लाभ मिले।

डॉ. अनिता मुथा, डीन मेडिकल कॉलेज