
दिव्य चातुर्मास: त्रिवेणी के मानस भवन में गो आराधना महोत्सव, संत गोशरणानंद ने बताया कि शिव लीला का महत्व,
रतलाम. त्रिवेणी स्थित मानस भवन में चल रहे दिव्य चातुर्मास में गो आराधना महोत्सव के अंतर्गत शनिवार से गो कथा श्रवण कराई जाएगी। इस दौरान दिव्य दरबार भी लगेगा, जिसमें भक्तों की पर्चियां खोली जाएगी। शुक्रवार को शिव पुराण कथा का विश्राम हुआ। जिसमें संत गोशरणानंद सरस्वती ने गोपेश्वर महादेव की कथा सुनाई।
महोत्सव में शनिवार 22 अगस्त से गो कथा शुरू होगी और एक चमत्कारिक दिव्य दरबार भी लगाया जाएगा। गोशरणानंद ने बताया कि गो कथा श्रवण करने से 18 पुराणों का फल मिलता है। यह नौ दिवसीय होगी। कथा प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी।
रासलीला में प्रवेश के लिए गोपीभाव आवश्यक
संत गोशरणानंद ने भगवान शिव द्वारा वृंदावन की महारास लीला में गोपी स्वरूप धारण करने का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि रासलीला में प्रवेश के लिए गोपीभाव और पूर्ण समर्पण आवश्यक है, जिसके बाद शिव ने गोपी रूप धारण कर रासलीला के दर्शन किए और गोपेश्वर महादेव के रूप में प्रतिष्ठित हुए। वृंदावन में गोपेश्वर महादेव को रासलीला के रक्षक और द्वारपाल के रूप में विशेष सम्मान प्राप्त है।
गोपेश्वर महादेव का स्मरण और दर्शन मंगलकारी
गोशरणानंद ने अपने प्रवचन में कहा कि राधा-कृष्ण की कृपा पाने के लिए पहले गोपेश्वर महादेव का स्मरण और दर्शन मंगलकारी माना जाता है। शुक्रवार शाम विशेष रूप से उनका श्रृंगार किया गया। पोथी पूजन के मुख्य अतिथि एवं यजमान तरुण पाटीदार, मुकेश पाटीदार, रामचंद्र पाटीदार, मथुरी राजेश पाटीदार, शुभम पाटीदार, पवन पाटीदार, अशोक पाटीदार, शैलेंद्र पाटीदार, राकेश पाटीदार, नागेश्वर पाटीदार, अंगुरबाला पाटीदार और नरसिंह द्रोपदी राठौड ने गोशरणानंद का सम्मान किया।
शिव आरती के बाद प्रसादी वितरित
गोशरणानंद ने दुपट्टा ओढ़ाकर अतिथियों का सम्मान किया। विशाल हिंदू सेना संगठन से शकुंतला शर्मा, संगीता परिहार, माया खंडेला, संतोष चौहान, सरोज शर्मा, रीना टॉक, सरस्वती डोडियार, सविता ओसिया, अरुण सेन, राकेश शर्मा, प्रवीण वाघेला सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। शिव आरती के बाद प्रसादी वितरित की गई। गो कथा की यजमान सीता कुंवर उज्जैन हैं और
Updated on:
21 Aug 2026 10:31 pm
Published on:
21 Aug 2026 10:28 pm
