
रतलाम. शासकीय विद्यालय की जर्जर अवस्था और बरसात में टपकते पानी से परेशान विद्यार्थी परेशान हैं। स्कूलों की हालत खराब है, विद्यार्थियों के बैठने तक की व्यवस्था नहीं होने के कारण बरामदे में पढ़ाई करने पड़ रहा हैं। इस कारण बुधवार को सिखेड़ी के स्कूल में विद्यार्थियों ने प्रदर्शन किया।
अतिवृष्टि एवं बाढ़ आपदा की पूर्व तैयारी के संबंध में बैठक लेते हुए कलेक्टर मिशा सिंह ने 27 जून को सभी विभाग प्रमुख समय पूर्व तैयारी के साथ ही जर्जर आंगनवाड़ी केंद्र, स्कूल और स्वास्थ्य केंद्र के भवनों की सूची प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे।
खुले में बैठकर शिक्षा ग्रहण
बाजना ब्लॉक के शासकीय प्राथमिक विद्यालय सेलज-मोवडी का टापरा की स्थिति अत्यंत दयनीय है। शाला भवन इतना जर्जर हो चुका है कि विद्यार्थियों को खुले में बैठकर शिक्षा ग्रहण करनी पड़ रही है। क्षेत्र के सरकारी विद्यालयों की हालत निरंतर बदहाल होती जा रही है। सेलज-मोवडी का टापरा स्थित इस विद्यालय की दीवारें पुरानी हैं और कई कमरों की छत से पानी टपकता है।
मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव
वर्षाकाल में परिसर में जलभराव की समस्या बनी रहती है, जिससे छात्रों को असुविधा होती है। विद्यार्थियों को अक्सर बारिश या तेज धूप में पढ़ाई बाधित होने का सामना करना पड़ता है। विद्यालय में शौचालयों की साफ-सफाई और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है। इन समस्याओं के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
अभिभावकों ने की मरम्मत की मांग
अभिभावकों व ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से शाला भवन की मरम्मत व आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि बच्चों को सुरक्षित व बेहतर माहौल में शिक्षा मिल सके। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को इस ओर शीघ्र ध्यान देना चाहिए और बच्चों के भविष्य को लेकर गंभीर कदम उठाने चाहिए।