रतलाम

एक रोटी के लिए 90 मिनट इंतजार

रोटी के लिए इंतजार...ये कमाल मध्यप्रदेश के रतलाम में हो रहा है। यहां पर रेलवे के रनिंग रूम में काम करने वाले ठेकेदारों को वेतन नहीं मिलता है तो वो रोटी ही नहीं बनाते, इसका खामियाजा रेलवे कर्मचारियों को उठाना पड़ रहा है।
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Sep 19, 2019
ek rotee ke lie 90 minat intajaar
ek rotee ke lie 90 minat intajaar

रतलाम। रोटी के लिए इंतजार...ये कमाल मध्यप्रदेश के रतलाम में हो रहा है। यहां पर रेलवे के रनिंग रूम में काम करने वाले ठेकेदारों को वेतन नहीं मिलता है तो वो रोटी ही नहीं बनाते, इसका खामियाजा रेलवे कर्मचारियों को उठाना पड़ रहा है। रेल मंडल मुख्यालय स्थित रेलवे रनिंग रूम में वेतन नहीं मिलने से नाराज ठेकेदार के कर्मचारियों ने काम करने से इंकार कर दिया। बाद में रेलवे अधिकारी पहुंचे व डेढ़ घंटे बाद की मेहनत के बाद कर्मचारियों को मनाया। कर्मचारियों का कहना था कि सितंबर की 18 तारीख हो गई, लेकिन अब तक वेतन नहीं मिला है। इस सब से करीब 90 मिनट तक रेलवे कर्मचारियों को रोटी का इंतजार करना पड़ा।

सुबह करीब 10 बजे जब वेतन नहीं मिला तो कर्मचारी काम रोककर मैनेजर कुंदन पंड्या के पास पहुंचे। यहां पंड्या से कर्मचारियों ने ठेकेदार से बात करवाने की मांग करते हुए कहा कि जब तक वेतन नहीं मिलेगा तब तक काम नहीं करेंगे। इसके बाद मैनेजर ने कह दिया कि काम बंद कर दो। जब काम बंद हो गया व रेलवे कर्मचारी आए व भोजन बनता नहीं देखा तो वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी। इसके बाद मंडल मुख्यालय से एक अधिकारी को भेजा गया। अघिकारी ने आकर सामाजंस्य बनाने का प्रयास किया।

सभी पक्ष की बात सुनी

बाद में एईई टीआरओ श्रीधर कुमार शेट्टी, सुपरवाईजर हदयेश पांडे रनिंग रूम पहुंचे। पहले कर्मचारियों की बात को सुना गया। इसके बाद मैनेजर से बात की गई। रेलवे अधिकारियों को बताया कि जिस कंपनी का ठेका है उसने पट्टा ठेका दे रखा है। इसके बाद मैनेजर से बिल कितने समय का शेष है आदि की जानकारी ली गई व भरोसा दिया, उनको वेतन जल्दी ही दिया जाएगा। रनिंग रूम में बड़ोदरा, कोटा, चित्तौडग़ढ़ सहित अन्य स्थान के इंजन चालक रुकते है। रात में आने के बाद उनको रेलवे सुबह व रात का भोजन उपलब्ध कराती है। तीन वर्षो में ये चौथी बार हुआ है जब वेतन नहीं मिलने से नाराज कर्मचारियों ने काम बंद किया हो। करीब 90 मिनट तक कर्मचारियों ने रोटी का इंतजार किया। बाद में कर्मचारी हड़ताल से लौटे व काम की शुरुआत की।

हमारी मर्जी कुछ भी करें
ये हमारा निजी मामला है। इस संबंध में ज्यादा चर्चा नहीं की जा सकती।
- कुंदन पंड्या, रनिंग रूम मैनेजर

बिल अब लगाया
रेलवे ने भोजन निर्माण का ठेका दे रखा है। रेलवे बिल मिलने पर भुगतान करती है। ठेकेदार के कर्मचारियों ने कुछ देर के लिए कार्य रोका था, जिनको बाद में समझा दिया गया है।
- जेके जयंत, जनसंपर्क अधिकारी, रतलाम रेल मंडल

Updated on:
19 Sept 2019 12:22 pm
Published on:
19 Sept 2019 12:22 pm