
रतलाम. तकरीबन डेढ़ साल से कोरोना के चलते लोगों के उद्योग-धंधे, नौकरी, व्यवसाय बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। कोरोना की दूसरी लहर के बाद तो लोग बड़ी संख्या में सोना बेचने या गिरवी रखने बाजार आ रहे हैं। यह सभी जानते है कि लोग तब तक अपने आभूषण गिरवी नहीं रखते, जब तक गहरा वित्तीय संकट सामने न खड़ा हो। कोरोना की पहली लहर के बजाए दूसरी लहर में बाजार में गोल्ड गिरवी रखने से लेकर कर्ज लेने वालों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है।
मार्च 2020 के बाद जबसे देश में कोरोना महामारी ने दस्तक दी है, उसके बाद से गोल्ड लोन में रिकॉर्ड 86.4 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बैंक के आंकड़े के अनुसार बैंकों ने रिकॉर्ड 621 लाख रुपए का गोल्ड लोन लोगों को दिया है। पिछले साल मई 2020 तक एक साल में लोगों ने 156 लाख़ रुपए का लोन लिया था, वहीं मई 2020 के बाद मई 2021 के बीच गोल्ड लोन की राशि बढ़कर 630 लाख रुपए तक पहुंच गई, यानि पिछले एक साल में 474 लाख रुपए का गोल्ड लोन लोगों ने बैंकों से लिया है।
सराफा बाजार में गिरवी रखा
यह तो हुई औपचारिक क्षेत्र की बात, अनोपचारिक क्षेत्र यानी देश के सराफा बाजारों में तो हाल ओर भी बुरा है। रतलाम के सराफा कारोबारियों के मुताबिक जितना सोना लोग छह माह में गिरवी रखते थे, उतना लोगों ने एक माह में गिरवी रखा था। दूसरी लहर में अस्पतालों में भर्ती होने की ऊंची लागत के चलते पारिवारिक आर्थिक तंगी के कारण सबसे अधिक सोना गिरवी रखा गया है, पर लोग बिजली बिल या दुकान/मकान का किराया भरने के लिए भी सोना गिरवी रख रहे हैं।
गोल्ड बिक्री का अधिकार
इस बात की जानकारी कम को है कर्ज देने वाले को आपका सोना बेचने का अधिकार है। लोन देते समय जो जिस दस्तावेज पर फाइनेंस कंपनी आपसे दस्तखत कराती हैं, उसमें इस शर्त का उल्लेख होता है कि अगर आप 90 दिनों तक लोन की ईएमआई नहीं चुकाते हैं तो ग्रेस पीरियड के बाद अपनी बकाया रकम की वसूली के लिए बैंक आपका गिरवी रखा सोना बेच सकता है। शहर में इस प्रकार के करीब 40 कर्जदार के गोल्ड की ब्रिकी की गई है।
फैक्ट फाइल
माह - कर्जदार संख्या - रुपए कर्ज में दिए
- जनवरी से मार्च 2020 - 45 - 30 लाख रुपए
- अप्रेल से दिसंबर 2020 - 180 - 360 लाख रुपए
- 2021 में शुरू के तीन माह - 60 - 120 लाख रुपए
- अप्रेल से जून 2021 - 90 - 270 लाख रुपए तक
हर पांचवा ग्राहक गिरवी रखने आ रहा
कोरोना ने आमजन की आर्थिक रुप से कमर तोड़ दी है। बाजार में हर पांचवा ग्राहक अपना गोल्ड या सिल्वर गिरवी रखने आ रहा है। 2020 के मुकाबले यह संख्या 2021 में बढ़ गई है।
- विनीत भरगट, सदस्य, रतलाम सराफा एसोसिएशन
संख्या में वृद्धि हुई है
कोरोना की पहली लहर के मुकाबले दूसरी लहर में गोल्ड लोन लेने वालों की संख्या में वृद्धि हुई है। शासकीय के मुकाबले निजी बैंक ने करीब 90 प्रतिशत कर्जदार को गोल्ड लोन दिया है।
- राकेश गर्ग, लीड बैंक मैनेजर