रतलाम. समर्थन मूल्य पर सरकार में गेहूं तुलवाने के लिए इंतजार कर रहे किसानों के लिए अच्छी खबर हैं। जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी 10 अप्रेल से शुरू होना हैं, लेकिन कुछ सेंटरों पर खरीदी 9 अप्रेल से भी हो सकती हैं। इसके लिए जिला आपूर्ति विभाग से कुछ सेंटरों के नाम […]
रतलाम. समर्थन मूल्य पर सरकार में गेहूं तुलवाने के लिए इंतजार कर रहे किसानों के लिए अच्छी खबर हैं। जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी 10 अप्रेल से शुरू होना हैं, लेकिन कुछ सेंटरों पर खरीदी 9 अप्रेल से भी हो सकती हैं। इसके लिए जिला आपूर्ति विभाग से कुछ सेंटरों के नाम मांगे गए थे, जिन्हे पहुंचा दिया हैं।
इस साल गेहूं सरकार को तुलवाने के लिए जिले के 46532 किसानों ने पंजीयन करवाए हैं, और 3 हजार से अधिक ने स्लॉट बुकिंग भी करवा लिए हैं। पिछले साल 25659 किसानों के पंजीयन हुए थे। इसकी तुलना में इस साल 20873 किसानों ने अधिक पंजीयन करवाए।
जिले में बनाए 65 खरीदी केंद्र
मिली जानकारी के अनुसार जिले के 65 केंद्रों पर सरकार गेहूं की खरीदी करेगी, इसकी शुरुआत कुछ स्थानों पर आज से हो जाएगी। 10 अप्रेल के बाद निरंतर खरीदी कार्य चालू रहेगा। पिछले साल सीजन में किसानों से सरकार ने 1 लाख 10881 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीदे थे।
इनका कहना है….
खरीदी 10 अप्रेल से शुरू होगी, रतलाम से कुछ सेंटर मांगे हैै, उनके नाम हमने दे दिए हैं। उनके स्लॉट अगर बुक होते हैं तो गुरुवार के दिन खरीदी हो सकती हैं। अब तक जिले में 3 हजार किसानों के स्लॉट बुकिंग हो चुके हैं।
आनंद गोले, जिला आपूर्ति अधिकारी
फैक्ट फाइल
46532 किसानों ने कराए पंजीयन।
65 केंद्रों पर होगी गेहूं की खरीदी।
25659 पिछले साल हुए थे पंजीयन।
रतलाम मंडी में गेहूं की बंपर आवक
महू-नीमच रोड कृषि उपज मंडी में इन दिनों गेहूं की बंपर आवक हो रही हैं। किसानों को दो-दो इंतजार करना पड़ रहा हैं। मंगलवार को हुए विवाद के बाद अगले दिन उक्त किसान की ट्राली 2200 रुपए प्रति क्विंटल के भाव नीलाम हुई। बुधवार सुबह से शाम तक 492 ट्राली गेहूं की नीलाम हुई, जबकि 500 के करीब शेष रह गई। रात 8.30 बजे तक 700 के करीब ट्राली मंडी प्रांगण में खड़़ी हुई थी। मंडी प्रभारी सचिव राजेंद्र व्यास ने बताया कि दिन में दो बार सुबह 1.30 बजे और शाम 6 बजे खोलकर बाहर खड़ी ट्रालियों को अंदर लिया गया। व्यास ने बताया कि शनिवार-रविवार और मंगलवार को शासकीय अवकाश और मंडी में आवक अधिक होने के चलते किसान उपज न लाए और होने वाली असुविधा से बचे।