
जितेंद्र व्यास
स्पाट लाइट का लोगो रहेगा
ताल। विकास के नाम पर ताल नगर के अधिकांश शासकीय कार्यालयों को नगर से दो से तीन किलोमीटर दूर जावरा रोड क्षेत्र में स्थापित किया जा रहा है। कुछ भवन बन चुके हैं तो कुछ निर्माणाधीन हैं। ऐसे में अब सवाल खड़ा हो रहा है बगैर किसी सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था के आम नागरिक, बुजुर्ग, महिलाएं, दिव्यांग, विद्यार्थी और गंभीर मरीज इन कार्यालयों तक कैसे पहुंचेंगे?
ताल नगर में वर्तमान में रिक्शा, ऑटो, टेम्पो अथवा जैसी स्थानीय परिवहन सुविधा उपलब्ध नहीं है। जिन लोगों के पास निजी वाहन हैं, वे किसी तरह अपने कार्य कर लेंगे, लेकिन गरीब एवं जरूरतमंद नागरिकों के लिए दो से तीन किलोमीटर पैदल चलना किसी बड़ी परेशानी से कम नहीं होगा। वर्तमान में शासकीय अस्पताल, पशु चिकित्सालय, तहसील कार्यालय, शासकीय महाविद्यालय पहले ही नगर से बाहर स्थित हैं। अब सीएम राइज विद्यालय, एसबीआई की ताल शाखा का नया भवन भी नगर से बाहर निर्मित किया जा रहा है।
कष्ट देने वाली यात्रा
नगर के आलोट नाका, रावला गली, पिपलोद रोड, मंडावल दरवाजा, कीर्तन कुइया तथा आरएमडी कॉलोनी
जैसे क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को इन कार्यालयों तक पहुंचने के लिए कई किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी। जिन परिवारों के पास स्वयं का वाहन नहीं है, उनके लिए यह स्थिति अत्यंत कष्टदायक सिद्ध होगी। गंभीर बीमार मरीजों, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों को अस्पताल तक पहुंचने में होने वाली कठिनाइयों का सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है। विद्यार्थियों और किसानों को भी शासकीय कार्यों के लिए अनावश्यक समय, श्रम और धन खर्च करना पड़ेगा। आश्चर्य की बात यह है कि ताल से 17 किलोमीटर दूर आलोट और 28 किलोमीटर दूर जावरा जैसे नगरों में अधिकांश महत्वपूर्ण शासकीय संस्थाएं शहर के मध्य स्थित हैं, जिससे नागरिकों को सुविधा मिलती है। नगरवासियों का मानना है कि यदि शासकीय कार्यालय नगर से बाहर स्थापित किए जा रहे हैं, तो शासन को जनहित में रिक्शा, ऑटो, टेम्पो अथवा मेटाडोर जैसी नियमित सार्वजनिक परिवहन सेवा किफायती किराए पर उपलब्ध करानी चाहिए।
हो रही परेशानी
फोटो-आरटी-2802-पंकज शुक्ला, पार्षद
नगर में तहसील, पशु चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, महाविद्यालय नगर से बाहर हैं। जिससे आमजन को बहुत परेशानी होती हैं। वहां आना जाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है।
- पंकज शुक्ला, पार्षद
आमजन को परेशानी
फोटो-आरटी-2803-अश्विन मेहता सामाजिक कार्यकर्ता
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नगर से बाहर होने पर विकलांग गर्भवती महिलाएं को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाने में बड़ी समस्या आती है। नगर के रावला गली, हवलदार चौक, आईएमडी कॉलोनी लगभग लगभग 2से 3 किलोमीटर दूर है। ऐसे में आमजन को परेशानी आ रही है।
अश्विन मेहता सामाजिक कार्यकर्ता
सभी परेशान होंगे
फोटो-आरटी-2804-मनोहरलाल राठौर, व्यापारी संघ अध्यक्ष
पहले ही नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, तहसील कार्यालय, पशु चिकित्सालय, महाविद्यालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नगर से बाहर थे। अब एसबीआई को भी नगर से दूर जावरा रोड पर शिफ्ट कर रहे है। इससे कारोबारियों, वृद्ध, महिलाओं को परेशानी आएगी।
-मनोहरलाल राठौर, व्यापारी संघ अध्यक्ष