मध्य प्रदेश के इस जिले में कुत्ता पालने के लिए देना होंगे रुपये, दो से अधिक कुत्ते पालने पर रोक, पालने के पहले करवाना होगा पंजीयन।
रतलाम. अब कुत्ता पालने से पहले मंजूरी लेना होगी। इतना ही नहीं, अगर पहले से कुत्ता पाला हुआ है तो इसके लिए बकायदा तय राशि चुकाकर लाइसेंस लेना होगा। ये निर्णय मध्य प्रदेश के रतलाम शहर में निगम ने लागू किया है। बता दें कि, मध्य प्रदेश का रतलाम पूरे राज्य में डॉग बाइट के मामले में दूसरे नंबर पर है।
रतलाम शहर में नगर निगम सीमा में अब दो से अधिक कुत्ते एक घर में पालने पर रोक लगा दी गई है। इतना ही नहीं, कुत्ता पालने से पहले नगर निगम में पंजीयन करवाना जरूरी होगा। पंजीयन के लिए प्रति कुत्ता एक हजार रुपए पंजीयन शुल्क और 500 रुपए प्रति कुत्ता लाइसेंस का नवीनीकरण शुल्क लगेगा। बता दें कि, रतलाम पूरे मध्य प्रदेश में डॉग बाइट के मामले में दूसरे नंबर पर है।
नगर निगम आयुक्त सोमनाथ झारिया ने बताया कि, नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 355 व 356 के तहत नगरीय क्षेत्र में निवासरत ऐसे नागरिक जो कि, अपने घरों में कुत्ते पालते हैं, उन्हें अब कुत्ते पालने के पूर्व पंजीयन कराना अनिवार्य होगा। निगम आयुक्त झारिया के अनुसार, नगरीय क्षेत्र अन्तर्गत कुत्ते पालकों द्वारा अपने कुत्ते को गले में बिना पट्टा डाले अथवा अन्य चिन्हों के बिना आवारा कुत्ते की भांति छोड़ दिया जा रहा है, जिससे आम लोगों में भय का वातावरण निर्मित होता है। ऐसे में कुत्ते मालिकों के लिये नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 355 व 356 के तहत पंजीयन अनिवार्य किया गया है।
इस तरह होगा पंजीयन
कुत्ते पालक को नगर पालिक निगम के स्वास्थ्य विभाग अन्तर्गत लायसेंस शाखा में प्रति कुत्ता पंजीयन शुल्क रूपए 1000 और लायसेंस शुल्क रूपए 500 प्रति कुत्ता तथा लायसेंस नवीनीकरण के लिए हर साल 100 रूपए जमा कराना होगा। कुत्ते पालकों को अधिकतम 2 कुत्ते पालने की मंजूरी रहेगी।
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