
रतलाम। अगर आप सरकारी कर्मचारी है व आयकर की श्रेणी में आते है तो आपके लिए आयकर विभाग ने ऑनलाइन फॉर्म भरने की पहली बार सुविधा दी है। इसके लिए नया रिटर्न फॉर्म ऑनलाइन जारी कर दिया गया है। इसके अलावा वर्ष 2018-19 के आयकरदाताओ के लिए विभाग ने रिटर्न को ई-फाइलिंग पोर्टन पर आईटीआर 31 जुलाई तक के लिए जारी कर दिया है। रेंज में करीब 20 लाख से अधिक करदाताओं को इससे लाभ होगा।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार आईटीआर-1 या सहज को वेतनभोगी कर्मचारी द्वारा भरा जाता है। गत वर्ष की तरह इसमें किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया है, बल्कि 50 लाख रुपए सालाना आय वाले व एक घर वाले वेतनभोगी को एक पेज का आईटीआर-1 या सहज भरना होगा। इसको सावधानी से भरने की सलाह कर सलाहकार परिषद ने दी है।
ये गया अब जरूरी जानकारी देना
विभाग के अनुसार वर्ष 2018-19 के लिए आयकरदाता को रिटर्न फॉर्म में वेतनभोगी के लिए वेतन बे्रकअप की जानकारी देने को जरूरी किया गया है। इसके अलावा कारोबारी को जीएसटी नंबर के साथ-साथ टर्नओवर की जानकारी देना जरूरी किया गया है। ये न होने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। विभाग के अनुसार आईटीआर-1 या सहज उनके लिए है, जिनका वेतन सालाना 50 लाख रुपए तक है। इसके अलावा इसमे वो भी शामिल किए गए है जो वेतन के साथ-साथ प्रापर्टी, आवास या अन्य संसाधन से भी आय कर रहे है।
इसके लिए किया अलर्ट जारी
कर सलाहकार परिषद के अनुसार किसी भी प्रकारर की कटोती को बढ़ा-चढ़ाकर नहीं बताना चाहिए। अगर ये कटोती गलत पाई गई तो विभाग प्रकरण बना सकता है या भारी जुर्माना लगा सकता है। इसके अलावा ये बेहद जरूरी है कि फॉर्म का चयन सही किया जाए। गलत फॉर्म भरने से परेशानी ही होती है। एफडी सहित अन्य किसी प्रकार के ब्याज से आय को जरूर बताया जाए।
नौकरी बदली तो बताए विभाग को
परिषद के अनुसार अगर 31 मार्च के पूर्व के वित्तीय वर्ष में नौकरी बदली है तो इस बारे में दोनों कंपनियों से फॉर्म 16 को लेकर विभाग को बताए। क्योकि पूर्व की कंपनी को अगर बचत आदि के बारे में नहीं बताया है तो विभाग ब्ैक्स सहित वसूली करेगा। इसके अलावा अगर एक से अधिक बैंक खाते है तो उनकी जानकारी दे, या वे खाते बंद हो गए है तो जो चल रहे है, उनकी जानकारी देना अनिवार्य किया गया है। आवास के लिए ऋण लेने पर छूट मिलती है, लेकिन 5 वर्ष में उस आवास को बिक्री करने पर ये छूट का लाभ नहंी मिलेगा। आयकर अधिनियम 64 के अनुसार परिवार के किसी सदस्य को दिए गए उपहार या उपहार से होने वाली आय की जानकारी देना जरूरी है। अन्यथा विभाग उससे होने वाली आय को टैक्स में जोड़ देगा।
भूलकर भी करें ये गल्ती, आएगी परेशानी
विभाग के अनुसार टैक्स का फॉर्म भरने के दौरान आधार, पैन, आईएफएस कोड, बैंकखाता नंबर, टैन नंबर सहित जरूरी नंबर की जानकारी गलत न भरे। ये गलत पाए जाने पर विभाग कार्रवाई करेगा। इतना ही नहीं, सरकारी कर्मचारी को तो किसी भी प्रकार की गलत जानकारी गलत भरने पर कार्रवाई तुरंत की जाएगी।
- रजनीश जैन, अध्यक्ष कर सलाहकार परिषद, रतलाम