मोबाइल लैपटॉप व कैमेरा बेट्री चार्ज के लिए स्टेशन पर कियोस्क पाइंट, रेलवे को होगी प्रतिवर्ष 1.28 लाख रुपए की आय, रतलाम, इंदौर व उज्जैन से शुरुआत, अगले चरण में आठ रेलवे स्टेशन शामिल।
रतलाम। रेलवे ने करोड़ों यात्रियों को खुश करने वाला निर्णय ले लिया है। यह निर्णय पश्चिम रेलवे सहित देशभर में लिया गया है। इसका असर अब रतलाम रेल मंडल में शुरू होने जा रहा है। रेल मंडल में यात्रियों को अपने कैमेरा, लैपटॉप व मोबाइल सहित कैमरे चॉर्ज करने के लिए नई सुविधा मिलने जा रही है। इसके लिए रेलवे ने निजी कंपनी को ठेका दिया है। रेलवे ठेकेदार से प्रतिवर्ष 1.28 लाख रुपए लेगी। नई सुविधा के लिए रतलाम, इंदौर व उज्जैन रेलवे स्टेशन पर रेलवे कियोस्क सेंटर की शुरुआत नए वर्ष से करने जा रही है। यह सफल रहने पर आठ और स्टेशन पर इसको शुरू किया जाएगा।
इस समय रेलवे स्टेशन के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर मिलाकर 36 मोबाइल चार्ज पाइंट है। इनमे से 6 पाइंट खराब पडे़ है। बारिश के दिनों में जब पानी रिसता है तब यह मोबाइल चार्ज पाइंट पर प्लग लगाना खतरनाक रहता है। इसके अलावा इनको बनाने में रेलवे प्रति पाइंट करीब 50 - 60 हजार रुपए का व्यय लगाने पर एक बार करता है। इसके बाद भी कई बार विभिन्न चार्जर इनमे लगते नहीं है या लग जाए तो काम नहीं करते।
अब कर रही रेलवे यह काम
अब रेलवे कियोस्क सेंटर की शुरुआत करने जा रही है। इसके अंतर्गत रतलाम में 2, उज्जैन में 2 व इंदौर में 8 सेंटर विभिन्न प्लेटफॉर्म पर खोलने जा रही है। डिजिटल विज्ञापन से इन सेंटर को चलाने वालों की आय होगी, बदले में यह रेलवे को प्रतिवर्ष 1.28 लाख रुपए देंगे। यह सेंटर रेलवे ने खोलने के लिए निजी हाथ में दो वर्ष के लिए दिया है। यह प्रयोग सफल रहने पर इनको अन्य स्टेशन पर खोला जाएगा।
यहां भी खोलेंगे यह पाइंट
रेलवे के वाणिज्य विभाग के अनुसार रतलाम, इंदौर व उज्जैन में इनको तीन माह प्रयोग के रुप में देखा जाएगा। यह सफल रहने पर इनको चित्तौडग़ढ़, नीमच, मंदसौर, डॉ. अंबेडरकर स्टेशन, दाहोद, नागदा, सीहोर व बडऩगर सहित जावरा में खोला जाएगा।
नए वर्ष में होगी शुरुआत
इन कियोस्क सेंटर को नए वर्ष तक शुरू कर दिया जाएगा। यात्रियों को यहां पर मोबाइल, लैपटॉप व कैमरा की बेट्री को चॉर्ज करने की सुविधा नि:शुल्क मिलेगी।
- विनीत गुप्ता, मंडल रेल प्रबंधक, रतलाम