
रेलवे ने सूचना के अधिकार अधिनियम (आरटीआई) के तहत जवाब देने की व्यवस्था बदल दी है। अब तक देशभर में रेलवे से आरटीआई में शाखा से जवाब मिलता था। लेकिन इस नई व्यवस्था के तहत अब आरटीआई के लिए डीआरएम और जीएम की मंजूरी जरूरी होगी। हाल ही में रेलवे ने आरटीआई की समीक्षा की है।
इसमें सामने आया कि सही ढंग से जवाब न देने से प्रथम व द्वितीय अपील की संख्या बढ़ रही है। प्रथम अपील निस्तारण भी डीआरएम-जीएम की मंजूरी से होगा। रेलवे बोर्ड ने इसके लिए निर्देश जारी किए हैं। बता दें कि मंडल के एक अफसर ने एक जोन में भर्ती और खाली पदों का सही जवाब दिया था। तब देश में बहस चल पड़ी थी।