Jaora Muharram 2025 : उत्तर प्रदेश के लखनऊ के बाद मध्य प्रदेश के जावरा शहर के ताजिए सिर्फ एमपी ही नहीं, देशभर में मशहूर हैं। इन्हें देखने के लिए बाहर से भी श्रद्धालु जावरा पहुंचते हैं।
Jaora Muharram 2025 : देशभर के साथ साथ मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के जावरा में भी मुस्लिमजन द्वारा मोहर्रम का पर्व मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में रविवार की रात जगह-जगह ठंडे शरबत और मिठाइयां बांटी गईं। रात 10.30 बजे तक इमामबाड़ों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही लगी रही। उसके बाद ताजिया कमेटी सदर गुलाम मकदूम बाबा ने मध्य भारत के ताजिये को हाथ लगाकर सलामी देते हुए निकाले।
इसके बाद सभी ताजियों ने अपने-अपने इमामबाड़ों से बाहर आकर मध्य भारत के ताजिये को सलामी दी गई। यहां से सभी ताजिये घंटाघर पहुंचे, इसके बाद अपने-अपने इमामबाड़ों के लिए रवाना हो गए। इस दौरान जावरा ही नहीं, बल्कि दूर दूर से लोग इन ताजियों को देखने आते हैं। सोमवार को आशुरा की रात इमामबाड़ों से ताजिये दोबारा बाहर आएंगे और नगर गश्त करते हुए कर्बला मैदान पहुंचेंगे।
मोहर्रम पर्व पर बनने वाले ताजियों को बनाने का काम एक महीने पहले से शुरू कर दिया जाता है। उत्तर प्रदेश के लखनऊ के बाद मध्य प्रदेश के जावरा शहर के ताजिए सिर्फ एमपी ही नहीं, देशभर में मशहूर हैं। इन्हें देखने के लिए बाहर से भी श्रद्धालु जावरा पहुंचते हैं। जावरा शहर के ताजियों की खास बात ये है कि, इनपर की जाने वाली अबरक की कलाकारी और नक्काशी इतनी शानदार होती है, कि देखने वाले का छू लेती है।