
रतलाम. रतलाम के होनहार निशानेबाज कीर्तिराज सिंह झाला ने जबलपुर में इतिहास रच दिया है।13वीं गन फॉर ग्लोरी शूटिंग प्रतियोगिता में उन्होंने दो गोल्ड और एक कांस्य पदक अपने नाम कर लिया है। कीर्तिराज के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि शूटिंग से जुड़े उन्हें अभी महज एक वर्ष ही हुआ है। यह उनका पहला मौका है जब उन्होंने जबलपुर की इस प्रतियोगिता में सहभागिता की। इतने कम समय में बड़े स्तर की प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन पदक जीतना उनकी मेहनत, एकाग्रता और सीखने की क्षमता को दर्शाता है।
एमर्स शूटिंग अकादमी के कोच भूपेंद्रसिंह सिसौदिया ने बताया कि कीर्तिराज ने सिर्फ एक वर्ष के छोटे से सफर में जिस तरह का प्रदर्शन किया है, वह बेहद उत्साहजनक है। उनकी सबसे बड़ी खासियत उनकी सीखने की ललक और एकाग्रता है। अकादमी के अध्यक्ष एवं सेना के पूर्व सूबेदार मेजर भारतसिंह सिसौदिया ने कहा कि पढ़ाई और खेल दोनों में बेहतर प्रदर्शन करना आसान नहीं होता। कीर्ति राज ने अपनी मेहनत और अनुशासन से यह साबित किया है कि सही दिशा और समर्पण के साथ युवा हर क्षेत्र में आगे बढ़ सकते हैं।
हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर शनिवार को क्रीड़ा केंद्र, विरियाखेड़ी में क्रीड़ा भारती, खेल एवं युवा कल्याण विभाग एवं जिला मल्लखंब एसोसिएशन ने आयोजन किया। कार्यक्रम के दौरान मल्लखंब के खिलाडिय़ों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए मल्लखंब की विभिन्न गतिविधियों एवं कलाओं का प्रदर्शन किया।
जिला प्रशिक्षक एवं जिला मल्लखंब सचिव जितेंद्र धूलिया ने बताया मुख्य अतिथि क्रीड़ा भारती के अध्यक्ष डॉ. गोपाल मजावदिया, सचिव अनुज शर्मा, पूर्व की क्रीड़ा अधिकारी आरसी तिवारी उपस्थित रहे। इस दौरान खिलाडिय़ों ने मल्लखंब पर अपनी कला का प्रदर्शन करते हुए अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों एवं युवाओं को खेलों के प्रति जागरूक करना तथा भारत के पारंपरिक खेल मल्लखंब को बढ़ावा देना रहा। खिलाडिय़ों ने अपने प्रदर्शन के माध्यम से खेल के प्रति अनुशासन, मेहनत और समर्पण का संदेश दिया। क्रीडा भारतीय सचिव अनुज शर्मा ने कहा कि खेल बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास के साथ-साथ उनमें आत्मविश्वास, अनुशासन और टीम भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। डॉ. मजावदिया ने युवाओं से नियमित रूप से खेल गतिविधियों में भाग लेने का आह्वान किया। तिवारी ने राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर खिलाडिय़ों को खेलों के प्रति निरंतर समर्पित रहने तथा मल्लखंब को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान राष्ट्रीय खिलाड़ी मुस्कान सोनी को अतिथियों ने प्रतीक चिन्ह एवं मेडल से सम्मानित किया। कार्यक्रम में दुर्गाशंकर मोयल, हार्दिक कुरवाड़ा, दुर्गा डामोर एवं गौरव सोलंकी भी मौजूद रहे।
स्वामी विवेकानंद वाणिज्य महाविद्यालय में राष्ट्रीय खेल दिवस पर महाविद्यालय के उन उत्कृष्ट खिलाडिय़ों का सम्मान किया गया, जिन्होंने विगत वर्ष में विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में राष्ट्रीय स्तर पर महाविद्यालय का प्रतिनिधित्व करते हुए उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
प्राचार्य डॉ. सतीश महेश्वरी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल केवल शारीरिक स्वास्थ्य के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं हैं, बल्कि इनके माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य, आत्मविश्वास, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, टीम भावना एवं व्यक्तित्व विकास को भी बढ़ावा मिलता है। उन्होंने विद्यार्थियों को खेलों में बढ़-चढक़र सहभागिता करने तथा खेल भावना के साथ निरंतर आगे बढऩे के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को विवेकानंद गौरव खेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इनमें बैडमिंटन, बॉल बैडमिंटन, फुटबॉल, जूडो, टेबल टेनिस एवं क्रिकेट सहित विभिन्न खेल रहे। महाविद्यालय के क्रीड़ा अधिकारी डॉ. संजीव वर्मा ने राष्ट्रीय खेल दिवस की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को खेलों में निरंतर सहभागिता एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया। डॉ. हर्षवर्धन मेहसन ने आभार माना।