
रतलाम। राज्य के मुख्यमंत्रियों की भोजन के मामले में अलग-अलग पसंद सामने आई है। आजादी के बाद से लेकर अब तक हुए मुख्यमंत्री जब भी मालवा प्रवास पर आते हैं तो उनकी पसंद के भोजन के बारे में सूचना पहले से दी जाती है। भोजन परोसने से पहले इस बात का विश्ेाष ध्यान रखा जाता है कि जैसी पसंद मुख्यमंत्री की है, भोजन उस स्वाद का बना है या नहीं, ये जरूर जांच होती है। कई अवसर ऐसे भी आए हैं, जब मालवा में आने पर उनकी पसंद बदल गई।
हरी सब्जी से लेकर दाल पसंद
सर्किट हाउस के कर्मचारी पे्रमसिंह व अब्दुल ने बताया कि 1990 के दशक में सुंदरलाल पटवा मुख्यमंत्री बने। वे आमतौर पर सर्किट हाउस का भोजन नहीं करते थे, लेकिन जितनी भी बार किया, उनके भोजन में उबला हुई मूंग की दाल जरूर रहती थी। इतना ही नहीं, वे कर्मचारियों को भी सलाह देते थे कि उबला हुआ भोजन सेहत के लिए बेहतर रहता है, तेल के भोजन को त्याग दो। पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाशचंद्र सेठी जब भी रतलाम आते उनके लिए गोभी की सब्जी जरूर बनती थी। गोभी न हो तो वे पसंद बदलकर भिंडी खाते थे।
दिग्विजय को पसंद गिलकी
मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह को गिलकी की सब्जी काफी पसंद है। वे जब भी आते पहले से संदेश आ जाता कि भोजन में ४ चपाती के साथ गिलकी की सब्जी जरूर हो। उमा भारती ने मुख्यमंत्री रहते और उसके बाद भी कभी सर्किट हाउस में भोजन नहीं बनवाया। उनके लिए भाजपा नेता गोविंद काकानी के निवास से भोजन आता था। सबसे बड़ी बात ये कि उमा भारती भोजन जमीन पर बैठकर करती हैं।
इनको पसंद तुवर दाल
मध्यप्रदेश की राजनीति में दाउ साहब के नाम से लोकप्रिय पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुनसिंह व उनकी पत्नी सरोजसिंह को तुवर की दाल काफी पसंद रही। सर्किट हाउस के कर्मचारी अब्दुल के अनुसार सिंह रतलाम को अपना दूसरा घर बोलते थे। वे जितनी भी बार आए, उन्होंने हमेशा मालवी तुवर की दाल को भोजन में शामिल कराया। इतना ही नहीं, पूर्व विधायक शिवकुमार झालानी के बगैर वे भोजन नहीं करते थे।
रात में खुलवाई थी दुकान
पूर्व सीएम मोतीलाल वोरा को उस समय आलू काफी पसंद थे। कर्मचारियों के अनुसार एक बार सर्किट हाउस में आलू समाप्त हो गए। दो बत्ती की दुकान भी बंद हो गई। एेसे में रात 1 बजे बाद दुकान को खुलवाया गया था। उसके बाद आलू आए व जब अगले दिन सीएम वोरा आए तो उनके लिए आलू की सब्जी बनी। इसी प्रकार पूर्व सीएम श्यामाचरण शुल्क के समय पालक बनती थी।
जब शिवराज ने कहा बाहर से खा लेना
कर्मचारियों के अनुसार वर्तमान सीएम शिवराज सिंह चौहान को भिंडी व खीर काफी पसंद है। नाश्ते में वे पोहा व उपमा पसंद करते हैं। जब वे रतलाम आए तब उनका भोजन का सैलाना में था, तो सर्किट हाउस में कर्मचारियों ने केवल अपने लिए भोजन बनाया था। देर होने पर उनको वही भोजन परोसा गया। तब सिर्फ गिल्की व तरोई की सब्जी थी। बाद में उनको पता चला कि कर्मचारियों के लिए बनाए गया भोजन उनको दिया गया है तो उन्होंने सभी कर्मचारियों को बुलाकर 500-500 रुपए दिए व कहा कि बाहर जाकर भोजन जरूर करें, भूखा नहीं रहना चाहिए।